मध्यप्रदेशसिवनी

बांस से सुंदर कलाकृतियॉ ने परिवार को दिया सहारा, और महिलाओं को आर्थिक सक्षमता की प्रेरणा 

Seoni 26 March 2025
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उनकी क्षमता में वृद्धि कर रहा है। आजीविका मिशन से जुडकर महिलाऐं आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ऐसा ही उदाहरण सिवनी जिले के ग्राम छिडिय़ा पलारी की निशा ठाकुर का भी है जो आज समूह से जुडकर खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं।
बांस से सुंदर कलाकृतियॉ ने परिवार को दिया सहारा, और महिलाओं को आर्थिक सक्षमता की प्रेरणा  - Seoni News
      निशा ठाकुर बताती हैं कि वे स्व-सहायता समूह से जुडऩे के पूर्व उनके परिवार का भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी पति के कंधे में थी। जो छोटे स्तर पर बांस की कलाकृति बनाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे बताती हैं कि आय का सशक्त साधन न होने के कारण जब भी अचानक पैसों की आवश्यकता पड़ती थी तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
बांस से सुंदर कलाकृतियॉ ने परिवार को दिया सहारा, और महिलाओं को आर्थिक सक्षमता की प्रेरणा  - Seoni News
      श्रीमती ठाकुर बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुडऩे का फायदा समझकर वह निर्मल स्व-सहायता समूह से जुड़ीं तथा पति के बांस से कलाकृति बनाने के कार्य को आगे बढाने का कार्य कर रही है। श्रीमती ठाकुर द्वारा बांस कलाकृति बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं औजारों तथा सामग्री के लिए एक लाख रूपये का ऋण लेकर अपना कार्य प्रारंभ किया है। जिसमें समूह की अन्य महिलाऐं भी श्रीमती ठाकुर से प्रेरणा लेकर उनके साथ बांस की अनुपम कलाकृति बनाने के कार्य में बढ-चढकर हिस्सा ले रही हैं।
      समूह की महिलाओं द्वारा बांस में उकेरी गई सुंदर कलाकृतियों की जिले के साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी विशेष मांग है। नागरिकगण गृह शोभा तथा दैनिक उपयोग के लिए बांस से बनी कलाकृतियों एवं वस्तुओं को पसंद कर रहे हैं। जिससे श्रीमती निशा ठाकुर एवं समूह अन्य महिलाऐं अच्छी आय प्राप्त कर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। श्रीमती निशा ठाकुर एवं समूह की अन्य महिलाऐं उनके जीवन स्तर में आये परिवर्तन के लिए राज्य आजीविका मिशन तथा प्रदेश शासन का धन्यवाद ज्ञापित करती हैं।
बांस से सुंदर कलाकृतियॉ ने परिवार को दिया सहारा, और महिलाओं को आर्थिक सक्षमता की प्रेरणा  - Seoni News

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button