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खेती-किसानी में मध्यप्रदेश ने रचा नया इतिहास, देश का नया ‘फूड पॉवरहाउस’ बना प्रदेश

मध्यप्रदेश का किसान अब केवल अन्नदाता नहीं, राष्ट्र निर्माता है। राज्य देश का नया फूड-बास्केट बन चुका है” - डॉ. मोहन यादव

Bhopal 16 November 2025

भोपाल/सिवनी यशो:- कभी विकास की दौड़ में पिछड़ने के लिए पहचाना जाने वाला मध्यप्रदेश आज देश के कृषि मानचित्र पर अपनी नई चमक बिखेर रहा है। खेती-किसानी, सिंचाई, बिजली, खाद्यान्न उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में राज्य ने जिस रफ्तार से प्रगति हासिल की है, उसने इसे देश का नया ‘फूड पॉवरहाउस’ बना दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और किसानों की मेहनत ने मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र का अग्रणी प्रदेश बना दिया है।

उत्पादन में पंजाब-हरियाणा को पीछे छोड़ने की ओर कदम

बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने कई प्रमुख फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय छलांग लगाई है।

  • गेहूं उत्पादन में देश का नंबर-1 राज्य

  • चना उत्पादन में 30% राष्ट्रीय हिस्सेदारी

  • सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में लगातार अग्रणी

  • धान के बड़े केंद्र के रूप में सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी उभरकर सामने आए

इन उपलब्धियों ने प्रदेश की कृषि पहचान को देश के शीर्ष उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है।

‘डबल डिजिट’ विकास दर ने बदली तस्वीर

ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार मध्यप्रदेश की विकास दर 24 प्रतिशत तक दर्ज की गई है—जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। इसमें सबसे बड़ा योगदान कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों का रहा है।

  • सिंचाई नेटवर्क का तेजी से विस्तार

  • रबी सीजन में स्थिर बिजली आपूर्ति

  • समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीदी

  • भावांतर भुगतान योजना

  • किसान सम्मान निधि व फसल बीमा

इन नीतियों ने किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया है और खेती को लाभ का भरोसेमंद व्यवसाय बनाया है।

आधुनिक तकनीक ने बढ़ाई वैश्विक प्रतिस्पर्धा

प्रदेश के किसान अब परंपरागत खेती तक सीमित नहीं हैं।

  • ड्रिप व स्प्रिंकलर इरिगेशन

  • जैविक और प्राकृतिक खेती

  • फसल विविधीकरण

  • मल्टीक्रॉपिंग

  • उन्नत मशीनरी व आधुनिक कृषि यंत्र

कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों की मदद से किसान बाजार उन्मुख फसलें उगा रहे हैं और निर्यात के नए अवसरों को पहचान रहे हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा

कृषि क्षेत्र में आई तेज रफ्तार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।

  • फूड प्रोसेसिंग इकाइयों

  • कोल्ड स्टोरेज

  • मंडी डिजिटलीकरण

  • e-NAM पोर्टल

  • ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP)

जैसी योजनाओं ने किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

प्रदेश का किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र निर्माता’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि समृद्धि की जो नई परंपरा स्थापित की है, वह आने वाले वर्षों में देश की खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने किसानों को बधाई देते हुए कहा—
“मध्यप्रदेश का किसान अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बन चुका है।

https://www.mpinfo.org/Home/TodaysNews?&newsid=20251116N9&fontname=Mangal&LocID=32&pubdate=11/16/2025

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