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ग्राम पंचायत रामाकोना में भ्रष्टाचार की जाँच प्रारंभ 

लाखो रुपयों का भ्रष्टाचार होने की आशंका, आंकड़ा करोड़ो तक पहुंच सकता 

छिंदवड़ा यशो:- हमेशा से सुर्खियों मे रहने वाली जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत रामाकोना मे बीते 2015 से 2022 तक हुए भ्रष्टाचार की जाँच के लिए कुछ दिनों पूर्व ग्राम के सिंधिया फैंस क्लब के जिला अध्यक्ष गगन गोहेल, जनपद सदस्य गुलाबराव पांडे, भाजपा नेता रामकृष्णा वडोले, शिवराज ठोसरे, पूर्व पंच विनोद जैस्वाल द्वारा जनसुनवाई मे कलेक्टर को आवेदन दिया गया था जिसको लेकर शनिवार को तीन सदस्यीय जाँच दल गठित कर ग्राम पंचायत रामाकोना बीते 2015 से 2022 तक हुए भ्रष्टाचार की जाँच हेतु टीम मे सुभाष ठाकरे खंड पंचायत अधिकारी की प्रमुख उपस्थिति मे योगिराज भगत छत्रपति कवलाते, की जाँच टीम द्वारा शनिवार को जाँच शुरू की गयी, जबकि रविशंकर गुप्ता, कार्तिक पटेल उपयंत्री अनुपस्थित रहे।

शिकायतकर्ताओ द्वारा लगभग 50 से 100 बिन्दुओ पर जाँच करने करने की शिकायत की गयी.

पहले दिन की जाँच मे ही लाखो रूपये के भ्रष्टाचार होने की आशंका बताई जा रही है जिसकी चर्चा है. जबकि जाँच अभी शेष है आगे आगे आकड़ा करोडो तक भी जा सकता है ।
     शिकायतकर्ताओ द्वारा शनिवार को जाँच दल के सामने बिंदुवार अपनी शिकायत की गयी जिसमे गत वर्ष के कार्यकाल 2015 से 2022 तक अनियमिता पूर्ण कार्य कर काफी फर्जी बिल लगाकर भुगतान किये गए जिसमे ऐसे कई दुकाने है जिसके बिल लगे हुए है. वो दुकाने रामाकोना में है ही नहीं जबकि उनके फर्जी बिल बुक छपवाकर राशि का आहरण किया गया ।
ऐसे कई शॉपिंग काम्प्लेक्स का बंदरबाँट कर दिया गया अपने साथियो को दे दिये गए अनियमितता पूर्ण बगैर नीलामी प्रक्रिया के दे दिये गए.
    2015- 2022 के दौरान ऐसी दुकानों को फर्जी बिलो का भुगतान किया गया जिनका टर्न ओवर हजारों में भी नहीं है जबकि बिलो का भुगतान लाखो रूपये में करवा दिया गया है।
    मुख्यमंत्री हॉट बाजार के अंतर्गत बनाये गए शॉपिंग काम्प्लेक्स में बाजार के सामान रखने के उद्देश्य से बनाया गया स्टॉक रूम भी बगैर नीलामी के खाद बीज दुकान वाले को दे दिया गया. इस दौरान ही कई ऐसे रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत भुगतान किया गया जो कभी काम पर गए ही नहीं।

 अपने हिसाब से कर दिये पट्टे का वितरण 

गत 2015 से 2022 तक के कार्यकाल मे मनोपल्ली करते हुए किसको कैसा सेट किया जाए उस उदेश्य से अपने अपने सम्बंधितो को टेकड़ी पर पट्टों का वितरण किया गया है.जबकि कुछ कुछ हितग्राहीयों ने पट्टे बेच भी डाले ऐसी भी चर्चा है ।

 2018 मे ईंटो का रेट 19000  

  जाँच के दौरान एक बिल ये भी सामने आया की ऐसी फर्म जो रामाकोना मे है भी नहीं उसका 2018 का बिल जिसमे ईंटो का रेट आज की तुलना मे दुगुना अर्थात 19000 रूपये लगा हुआ है ।

 चिरंजी का बिल का भुगतान भी लाखों में

2015 से 2022 तक आदिल किराणा के नाम से लाख रुपये का भुगतान किया गया जबकि छात्र छात्राओ को खिलाई जाने वाली चिरंजी का बिल बताया जा रहा है ।

क्या कहते है जिम्मेदार

2015 से 2022 तक की जाँच के लिए शिकायतकर्ताओ द्वारा शिकायत की गयी जिसकी जाँच चल रही है हमारे द्वारा निष्पक्ष जाँच की जाएंगी.
        सुभाष ठाकरे खंड पंचायत अधिकारी 
कांग्रेस के सरपंच के कार्यकाल के दौरान हुई अनियमिता को उजागर करना हमारा अधिकार है हम कर रहे है.
       गगन गोहेल, भाजपा नेता शिकायत कर्ता 
जाँच से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए, जबकि जाँच होते रहनी चाहिए जिससे भ्रष्टाचार पर कुछ अंकुश लगता है.
     गुलाबराव पांडे, जनपद सदस्य

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