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बैनगंगा तट की भूमि को सुरक्षित रखा जाए, अध्यक्ष सहित पार्षदों ने कलेक्टर से की मांग
Seoni 20 January 2025
छपारा यशो:- धर्म नगरी छपारा में यूं तो साल भर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं,इन आयोजनों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण जगह बैनगंगा नदी तट के पास स्थित मैदान हैं, वहीं इसी स्थान में लक्ष्मी नारायण गोल्डन टेंपल मंदिर भी है. जहां श्रद्धालुओं का वर्ष भर आना-जाना लगा रहता है. बताया जाता है कि लगातार बैनगंगा नदी तट स्थित भूमि पर काफी लोगों की नजर लगी हुई है . बार बार अतिक्रमण करने का प्रयास भी किया गया है ।
जिसको रोकने के लिए अब नगर परिषद की अध्यक्ष निशा पटेल सहित नगर परिषद छपारा के पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन को एक पत्र लिखा है. जिस पर उन्होंने उल्लेख किया है कि नगर परिषद छपारा के वार्ड क्रमांक 13 भगत सिंह वार्ड अंतर्गत स्थित गोल्डन टेंपल लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 834 रकबा क्रमांक 1.36 हेक्टर भूमि में से जनपद कार्यालय सहित अन्य शासकीय सामुदायिक भवन निर्मित हैं ।
इसके बाद बहुत ही काम रकबा शेष है. जो खाली है,जिस पर वर्तमान में मकर संक्रांति मेला तो भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन वर्ष भर होते ही रहते हैं. जिसे जनमानस के उपयोग हेतु रिक्त रख जाना अति आवश्यक है. विभिन्न समुदाय को सामुदायिक भवन हेतु आवंटित किया जाना अनुचित होगा. क्योंकि सार्वजनिक धार्मिक आयोजन एवं मेला मड़ई दीपदान,तो दशहरा के समय दंगल आदि के आयोजन उक्त भूमि पर ही किए जाते हैं. छपारा नगर के होने वाले आयोजनों के लिए उक्त एकमात्र भूमि को आरक्षित करने की मांग नगर परिषद द्वारा की गई है.
वैनगंगा नदी तट के श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष की भूमि को आरक्षित रखने की लोगों से की अपील वैनगंगा नदी तट की खाली भूमि में आए दिन कोई ना कोई अलग-अलग समुदाय के लोग यहां भवन बनाने की मांग को लेकर अपना दावा करने लगते हैं जिसको लेकर यहां अब विगत दिनों नगर परिषद की अध्यक्ष ने बहन गंगा नदी तट में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान मंच से सार्वजनिक तौर पर विधायक रजनीश सिंह की उपस्थिति में अपील की है ।
उन्होंने कहा कि वैनगंगा नदी तट में श्रीमद् भागवत कथा सहित अन्य धार्मिक आयोजन किए जाते हैं इन धार्मिक आयोजनों क्यों दृष्टिगत रखते हुए यह तट बहुत ही महत्वपूर्ण कहलाता है इस स्थान पर किसी तरह का कोई भी निर्माण नहीं होना चाहिए ताकि आने वाले समय में मडई मेला और पूर्व से होते रहे आयोजनों में कोई भी समस्या उत्पन्न ना हो






