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बेटियां पिता को हाथों में हल्दी लगाने का अधिकार अवश्य दें : महंत विपिन बिहारी दास

शिव महापुराण कथा के छठवें दिन परिवार, भाई-बहन के प्रेम, बेटी की विदाई और दांपत्य जीवन पर भावपूर्ण संदेश

बेटियां पिता को हल्दी लगाने का अधिकार दें : महंत विपिन बिहारी दास, शिव महापुराण कथा में भावुक हुए श्रद्धालु

Seoni 23 August 2026
सिवनी यशो:- पावन श्रावण मास की आध्यात्मिक बेला में भगवान भोलेनाथ की भक्ति से सिवनी विधानसभा क्षेत्र सराबोर है। विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा राशि लॉन में आयोजित सात दिवसीय भव्य एवं दिव्य संगीतमय शिव महापुराण कथा के छठवें दिवस सांवरे सरकार गौ पीठाधीश्वर परम पूज्य महंत विपिन बिहारी दास महाराज ने धर्म, भक्ति, पारिवारिक संस्कार और जीवन मूल्यों पर भावपूर्ण संदेश दिया।

सिवनी शिव महापुराण कथा में महंत विपिन बिहारी दास का प्रवचन
सिवनी में शिव महापुराण कथा के छठवें दिन प्रवचन देते महंत विपिन बिहारी दास

महाराज ने कहा कि आज परिवारों में बढ़ते विवाद चिंता का विषय हैं। भाई-भाई के बीच संपत्ति और अन्य मामलों को लेकर मुकदमे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि “सच्चा भाई वह नहीं है जो भाई को केस में उलझा दे, सच्चा भाई वह है जो भाई के केस सुलझा दे।” यदि भाई बड़ा है तो उसके चरण स्पर्श कर प्रेम से मिलें और छोटा है तो उसे गले लगाकर अपनापन दें। उन्होंने कहा कि छोटे माफी मांगने में संकोच न करें और बड़े माफ करने में देर न करें तो परिवार कभी नहीं टूटेगा।

सिवनी शिव महापुराण कथा में महंत विपिन बिहारी दास का प्रवचन
सिवनी में शिव महापुराण कथा के छठवें दिन प्रवचन देते महंत विपिन बिहारी दास

माता-पिता का सम्मान ही सबसे बड़ा संस्कार

महाराज ने कहा कि जिसने अपने माता-पिता का सम्मान नहीं किया, वह विश्वास के योग्य नहीं हो सकता। माता-पिता ने बच्चों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया है, इसलिए उनकी सेवा और सम्मान प्रत्येक व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर ही बच्चे की पहली पाठशाला है और परिवार में जैसा व्यवहार होता है, बच्चे वैसा ही सीखते हैं।

सिवनी शिव महापुराण कथा में महंत विपिन बिहारी दास का प्रवचन
सिवनी में शिव महापुराण कथा के छठवें दिन प्रवचन देते महंत विपिन बिहारी दास

बेटियां पिता को हल्दी लगाने का अधिकार जरूर दें

कथा के दौरान बेटी की विदाई का प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक रहा। महाराज ने कहा कि बेटियां अपने पिता को धन-संपत्ति दें या न दें, लेकिन विवाह के समय अपने हाथों में हल्दी लगाने का अधिकार अवश्य दें। कन्यादान का अधिकार पिता को अवश्य दें।

उन्होंने कहा कि जिस पिता ने बेटी को बचपन से गोद में खिलाया, उसकी हर खुशी के लिए अपना जीवन लगाया, उसके लिए बेटी के हाथों में अपने हाथों से हल्दी लगाना जीवन का सबसे बड़ा सुख है। माता पार्वती की राजा हिमाचल के घर से विदाई के प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज ने पिता और बेटी के रिश्ते की गहराई को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। कथा पंडाल में इस प्रसंग ने अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं।

सिवनी शिव महापुराण कथा में महंत विपिन बिहारी दास का प्रवचन
सिवनी में शिव महापुराण कथा के छठवें दिन प्रवचन देते महंत विपिन बिहारी दास

पिता के बाद भाई में पिता को तलाशती है बेटी

भाई-बहन के रिश्ते पर महाराज ने कहा कि जब तक पिता रहते हैं, बेटी का सबसे बड़ा सहारा पिता होते हैं, लेकिन पिता के चले जाने के बाद बेटी अपने भाई में पिता का स्नेह और सुरक्षा तलाशती है। बहन को भाई की संपत्ति नहीं, उसका विश्वास चाहिए। रक्षा बंधन का धागा केवल रस्म नहीं, बल्कि जीवनभर साथ खड़े रहने का वचन है।

उन्होंने कहा कि भाई को भी बहन से केवल औपचारिक रिश्ता नहीं रखना चाहिए। यदि बहन संकट में हो तो भाई को उसके दरवाजे पर सबसे पहले खड़ा होना चाहिए।

धर्म व्यवहार में दिखाई देना चाहिए

महाराज ने कहा कि घर में रामायण रखना और भगवान राम-कृष्ण का स्मरण करना तभी सार्थक है, जब हमारे व्यवहार में उनके आदर्श दिखाई दें। उन्होंने भरत के चरित्र का उदाहरण देते हुए कहा कि भाई से बड़ा कोई धर्म नहीं है। परिवार और समाज को जोड़ने के लिए त्याग, प्रेम और क्षमा की आवश्यकता है।

उन्होंने समाज में बढ़ती आपसी खींचतान पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के नाम पर नेतृत्व करने वालों का काम लोगों को जोड़ना है, बांटना नहीं। बच्चों और विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार देना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

सिवनी शिव महापुराण कथा में महंत विपिन बिहारी दास का प्रवचन
सिवनी में शिव महापुराण कथा के छठवें दिन प्रवचन देते महंत विपिन बिहारी दास

अधिकारी की कलम बदल सकती है गरीब का जीवन

महाराज ने अधिकारियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से कहा कि भगवान ने उन्हें कलम के रूप में बड़ी जिम्मेदारी दी है। कलम का दुरुपयोग किसी गरीब के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है, लेकिन उसी कलम का ईमानदारी से उपयोग किसी जरूरतमंद का जीवन बदल सकता है। उन्होंने अधिकारियों से जनहित में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया।

शिव-पार्वती, कार्तिकेय और शनिदेव के प्रसंगों से जीवन की सीख

कथा में भगवान शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेशजी और शनिदेव से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हुए महाराज ने पति-पत्नी के बीच प्रेम और संवाद का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आज कई परिवारों में विवाह के बाद संवाद की जगह विवाद ने ले ली है, जबकि सुखी दांपत्य जीवन के लिए पति-पत्नी के बीच निरंतर संवाद और एक-दूसरे के सम्मान की आवश्यकता है।

भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर वध के प्रसंग से उन्होंने पुरुषार्थ, समता, संयम और क्षमा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की बुराइयों का अंत केवल चर्चा से नहीं, बल्कि पुरुषार्थ से किया जा सकता है।

उन्होंने परिवार में क्षमा के महत्व पर कहा कि “छोटे माफी मांगने में शर्म न करें और बड़े माफ करने में देर न करें।” वहीं शनिदेव के प्रसंग के माध्यम से क्रोध के दुष्परिणामों से बचने और संयमित व्यवहार करने की सीख दी।

आरती में श्रद्धालुओं ने लिया भाग

कथा के दौरान दोपहर की आरती ब्रह्मकुमारी दीदी, रुक्मणी, रविन्द्र नागेश्वर, संजू अर्जुनवार, राजेश डहेरिया, केके सोनी, कैलाश सोनी और गजेन्द्र आंवले सहित अन्य श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक की गई।

संध्या आरती में पूर्व केंद्रीय मंत्री फगन सिंह कुलस्ते, जिला अध्यक्ष मीना बिसेन, वीर सिंह ठाकुर, पंडित दिलीप तिवारी, राजेश त्रिवेदी, पिंकी त्रिवेदी, अशोक टीकम, राजेश उपाध्याय, मनीषा राय, हरकचंद टेंभरे, बसंत कुमार कटरे, बनवारी लाल पटले, पंडित ओमप्रकाश तिवारी, जुगल किशोर दुबे, अशोक तिवारी, अरविदजा दुबे, दुर्गेश्वरी शर्मा, शकुंतला तिवारी, अशोक पाण्डे, गीता अवस्थी, मंजू दुबे, मनीषा चौहान, अन्नपूर्णा मालवी, मीना ठाकुर, आशा बवरिया, रश्मि उपाध्याय, संगीता चौरसिया और गीता शर्मा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक आरती की।

24 अगस्त को अंतिम दिवस : पूजन-अभिषेक, कथा और भंडारा

शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस 24 अगस्त सोमवार को प्रातः 9 बजे से पूजन एवं अभिषेक कराया जाएगा। वेदपाठी विद्वानों द्वारा विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अभिषेक संपन्न कराया जाएगा।

इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक परम पूज्य महंत विपिन बिहारी दास महाराज के श्रीमुख से शिव महापुराण कथा प्रवाहित होगी। कथा के पश्चात शाम 4 बजे से श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया गया है।

विधायक दिनेश राय मुनमुन ने समस्त श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमी नागरिकों, माताओं और बहनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पूजन-अभिषेक, शिव महापुराण कथा एवं भंडारे में सहभागी बनने तथा पुण्यलाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

दैनिक यशोन्नति के लिये फोटो हरिओम सोनी
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