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ब्राह्मणों व सवर्णों पर अपमानजनक बयानबाजी समाज में जहर घोल रही है – पूर्व सांसद नीता पटेरिया

आरडी प्रजापति और आईएएस संतोष वर्मा के बयानों पर विरोध, कठोर कार्रवाई की मांग

ब्राह्मणों व सवर्णों पर अपमानजनक बयानबाजी समाज में जहर घोल रही है – पूर्व सांसद नीता पटेरिया

आरडी प्रजापति और आईएएस संतोष वर्मा के बयानों पर विरोध, कठोर कार्रवाई की मांग

Seoni 21 January  2026

सिवनी यशो:- ब्राह्मणों एवं सवर्ण समाज के विरुद्ध लगातार की जा रही अपमानजनक बयानबाजी को समाज में जहर घोलने वाला कृत्य बताते हुए पूर्व सांसद श्रीमती नीता पटेरिया ने तीखा विरोध जताया है।

उन्होंने कहा कि –

इस प्रकार के बयान सामाजिक समरसता को तोड़ने और समाज को आपस में बांटने की मानसिकता को दर्शाते हैं, जिस पर शासन को तत्काल कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

आरडी प्रजापति के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया

पूर्व सांसद ने विशेष रूप से मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति द्वारा हाल ही में दिए गए उस विवादित वक्तव्य का उल्लेख किया, जिसमें साधु-संतों, कथावाचकों और महिलाओं को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक, मर्यादाहीन और असंवेदनशील भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच से महिलाओं की गरिमा, संत समाज की प्रतिष्ठा और धार्मिक परंपराओं पर इस प्रकार की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं हो सकती।

श्रीमती पटेरिया ने कहा कि आरडी प्रजापति के बयान में कथावाचकों और संतों पर अमर्यादित आरोप लगाए गए,

महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक उपमाएं दी गईं और

सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग किया गया,

जिससे समाज में आक्रोश और वैमनस्य का वातावरण बन रहा है।

आईएएस संतोष वर्मा की टिप्पणी पर तीखी निंदा

इसी प्रकार वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आईएएस संतोष वर्मा द्वारा सवर्ण समाज की मातृशक्ति के संबंध में की गई टिप्पणी को भी पूर्व सांसद ने नारी सम्मान के विरुद्ध बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि-

मातृशक्ति को लेकर की गई ऐसी टिप्पणियां न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि प्रशासनिक पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं।

समाज और प्रशासन के लिए संदेश

पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि-

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी वर्ग,

महिला, संत समाज या समुदाय को अपमानित करने की छूट नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज को सुधारने का नहीं,

बल्कि उसे तोड़ने का कार्य करती है।

“ब्राह्मणों, सवर्ण समाज, मातृशक्ति और संत समाज के विरुद्ध की जा रही बयानबाजी समाज में विष घोलने का कार्य कर रही है। सार्वजनिक पदों पर बैठे लोग यदि मर्यादा भूलेंगे, तो उसका दुष्परिणाम पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा।”
— श्रीमती नीता पटेरिया, पूर्व सांसद

श्रीमती पटेरिया ने शासन एवं प्रशासन से मांग की कि आरडी प्रजापति तथा

आईएएस संतोष वर्मा द्वारा दिए गए बयानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए

और दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए,

ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति समाज की एकता,

महिलाओं की गरिमा और धार्मिक मर्यादाओं के साथ खिलवाड़ न कर सके।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से संयम, आपसी सम्मान और

संवैधानिक मूल्यों के साथ एकजुट रहने तथा समाज को बांटने वाली सोच के विरुद्ध संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रयागराज माघ मेले के दौरान परम पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के शिष्यों के साथ पुलिस द्वारा किया गया दुर्व्यवहार भी सनातन परंपराओं के विपरीत बताया गया है,

जिस पर देशभर में संत समाज की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

https://navbharattimes.indiatimes.com/state/madhya-pradesh/chhindwara/chhindwara-bjp-district-president-sheshrao-yadav-controversial-statement-brahmin-samaj-anger/articleshow/126675137.cms

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