डॉक्टर हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे : मनोज अग्रवाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर स्वयंसेवक एकत्रीकरण व पथ संचलन कार्यक्रम संपन्न

सिवनी यशो :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे। उन्होंने ब्रिटेन की महारानी के जन्मदिन पर बांटी जाने वाली मिठाई को कूड़ेदान में फेंक दिया था। विद्यालय में “वंदे मातरम” का जयघोष करने पर उन्हें निष्कासित किया गया, किंतु राष्ट्रभक्ति की भावना बचपन से ही उनके भीतर प्रबल रही। देश की आज़ादी के आंदोलनों में उन्होंने सक्रिय भागीदारी की और जेल भी गए। यही भावना आगे चलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना में परिणत हुई।
यह विचार संघ के जिला कार्यवाह श्री मनोज अग्रवाल ने राजपूत कॉलोनी टैगोर वार्ड में आयोजित स्वयंसेवक एकत्रीकरण एवं पथ संचलन कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी बोध, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे पाँच करणीय कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया है।
मनोज अग्रवाल ने कहा —
> “संघ की 100 वर्ष की यात्रा में पहले उपेक्षा, फिर विरोध और अब अपेक्षा का काल आया है। आज समाज और राष्ट्र को संघ से बड़ी अपेक्षाएँ हैं।”
🎖️ कार्यक्रम में सहभागिता
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री श्री आर. के. ठाकरे एवं नगर संघ चालक श्री संदीप गुप्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने घोष (बैंड) के साथ वार्ड की प्रमुख गलियों में पथ संचलन किया। इस दौरान नागरिकों एवं मातृशक्तियों ने जगह-जगह स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा की और “भारत माता की जय” के नारे लगाए।
🔖 मुख्य बिंदु
डॉक्टर हेडगेवार की बाल्यकालीन देशभक्ति प्रेरणास्रोत बनी
संघ का शताब्दी वर्ष सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ
समाज से “अपेक्षा के काल” की ओर बढ़ता संगठन



