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पानी की आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी क्षेत्र में न हो कमी : सीएम डॉ. मोहन यादव

जल जीवन मिशन का 80 प्रतिशत कार्य पूरा, मार्च 2028 से पहले हर घर पहुंचेगा नल से जल

मध्यप्रदेश पेयजल आपूर्ति – पानी की आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता, सीएम मोहन यादव बोले- किसी क्षेत्र में न हो कमी

Bhopal 03 June 2026
भोपाल यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति न बनने पाए तथा आवश्यकता अनुसार तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभागीय योजनाओं, जलापूर्ति व्यवस्था तथा जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में पेयजल आपूर्ति और जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी लेते हुए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी न होने पाए।

मार्च 2028 से पहले पूरा होगा जल जीवन मिशन

बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पत्तिया उइके ने जानकारी दी कि प्रदेश में जल जीवन मिशन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2028 से पहले हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। प्रदेश के 11 जिलों में मिशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने ऐसे गांवों और ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, जिन्होंने स्वयं नल-जल योजनाओं का संचालन और संधारण सफलतापूर्वक किया है।

नल-जल योजनाओं के निर्बाध संचालन पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में संचालित सभी नल-जल योजनाओं के लिए ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे जलापूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से समन्वय बढ़ाने और लंबित वित्तीय आवंटन शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

बोरवेल दुर्घटनाओं पर रोक के लिए कानून

बैठक में बताया गया कि खुले बोरवेलों में गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मध्यप्रदेश में बोरवेल अधिनियम लागू किया गया है। इस प्रकार का कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

अक्टूबर में होगा जल उत्सव

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित किए जाने वाले जल महोत्सव को व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए।

अक्टूबर 2026 में जल उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

14 हजार से अधिक गांवों में हर घर जल

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में शत-प्रतिशत जल प्रदाय व्यवस्था स्थापित कर उन्हें “हर घर जल” घोषित किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है तथा लगभग 75 प्रतिशत परिवार इस योजना के दायरे में आ चुके हैं।

डिजिटल मॉनिटरिंग और नई तकनीक पर फोकस

जल जीवन मिशन की योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। विभाग द्वारा ऑनलाइन ‘जलदर्पण’ पोर्टल संचालित किया जा रहा है। साथ ही आईओटी सेंसर, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

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