सौर ऊर्जा को गांव-शहर तक पहुंचाने पर जोर, CM डॉ. मोहन ने ऊर्जा विभाग के नवाचारों की सराहना
ड्रोन पेट्रोलिंग से 35% कम हुई लाइन ट्रिपिंग, प्रदेश में तेजी से बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता

मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा योजना – CM मोहन यादव ने बढ़ाया सौर ऊर्जा पर जोर, ड्रोन तकनीक से सुधरी बिजली व्यवस्था
भोपाल यशो – Mohan Yadav ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश में पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ सौर ऊर्जा के उपयोग को गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर बढ़ाया जाए। किसानों के लिए सोलर पम्प और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
भोपाल स्थित मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग द्वारा किए जा रहे तकनीकी नवाचारों और बेहतर कार्यप्रणाली की सराहना की।
ड्रोन तकनीक से बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार
बैठक में बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग का नवाचार सफल साबित हुआ है। इससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग में 35 प्रतिशत तक कमी आई है तथा 220 केव्ही के लगभग 10 हजार टॉवरों की टॉप पेट्रोलिंग सफलतापूर्वक की गई है।
वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टॉवरों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म तकनीक लागू की गई है, जिससे लाइनमैन चालू लाइन पर ही सुरक्षित तरीके से कार्य कर पा रहे हैं।
ऊर्जा उत्पादन में बना नया रिकॉर्ड
बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी ने 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट विद्युत मांग की सफल पूर्ति कर नया रिकॉर्ड बनाया। ट्रांसमिशन कम्पनी की हानियां केवल 2.60 प्रतिशत दर्ज की गईं जबकि ट्रांसमिशन उपलब्धता 99.52 प्रतिशत रही।
उपभोक्ताओं को सरचार्ज में बड़ी राहत
समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत उपभोक्ताओं को विलंबित बिजली बिल भुगतान पर सरचार्ज में छूट दी गई। योजना के तहत कुल 1,970 करोड़ रुपये की देनदारियां निराकृत हुईं और 473 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।
प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग का कार्य भी तेजी से जारी है। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि 47 हजार से अधिक सरकारी कार्यालय प्रीपेड मीटरिंग मोड पर संचालित हो रहे हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी
प्रदेश में मार्च 2024 तक कुल विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है।
दो वर्ष पहले जहां 5,690 मेगावॉट ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही थी, वहीं अब यह बढ़कर 8,608 मेगावॉट तक पहुंच गई है। इसमें 5,376 मेगावॉट का योगदान सौर ऊर्जा का है, जबकि 3,232 मेगावॉट ऊर्जा पवन और अन्य स्रोतों से प्राप्त हो रही है।
आदिवासी क्षेत्रों में विद्युतीकरण को मिली गति
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के तहत 63 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को आवासीय विद्युतीकरण का लाभ मिला है। वहीं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM JANMAN) के तहत बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में बिजली पहुंचाई गई है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि:
सौर ऊर्जा के उपयोग को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।
सभी मजरों-टोलों तक बिजली पहुंचाने के कार्य शीघ्र पूर्ण हों।
बिजली बिल वसूली और राजस्व संग्रह की गति बनाए रखी जाए।
ऊर्जा विभाग में वित्तीय हानि कम करने के प्रयास जारी रहें।
“वन नेशन, वन ग्रिड” योजना के तहत जबलपुर पायलट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाए।
भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुसार अभी से तैयारी सुनिश्चित की जाए।
साइबर सुरक्षा और अधोसंरचना को भी मजबूती
राज्य भार प्रेषण केंद्र की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए 13.61 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। वहीं केंद्र सरकार के सहयोग से 10,752 किलोमीटर लंबी OPGW (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) लाइन स्थापित की गई, जिसके लिए 146 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई।
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