प्रतिबंध के बाद भी भारी एवं यात्री वाहनों का संचालन, बड़ी दुर्घटना का बन सकता है कारण
Seoni 13 May 2025
सिवनी यशो:- नगर मुख्यालय की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है । यातायात सुव्यवस्थित करने के लिये आधुनिक संसाधन भी सक्रिय है उसके पश्चात भी यातायात सुधारने के प्रयास कमजोर है और व्यवस्था की जिन्हें जिम्मेदारी है वह व्यापक लापरवाही का परिचय दे रहे है और इस लापरवाही के कारण किसी भी दिन गंभीर दुर्घटना घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता ।
नगरीय सीमा में अस्त व्यस्त यातायात आम नागरिकों के लिये असुरक्षा का कारण तो बना ही है । मंडला एवं बालाघाट की ओर से आने जाने वाले भारी वाहन एवं यात्री वाहनों का बरघाट रोड में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और यह निर्धारित किया गया है कि बालाघाट एवं मंडला की ओर से आने एवं जाने वाले वाहन बायपास से होकर आना जाना करेंगे परंतु इस मार्ग पर चलने वाले यात्री वाहन सहित भारी वाहन बड़ी संख्या में बरघाट रोड से ही होकर गुजर रहे है, यहाँ तक कि स्कूली समय में भी यात्री वाहनों एवं भारी वाहनों का प्रवेश हो रहा है । अनेक यात्री वाहन तो नियमित इसी मार्ग से ही आते जाते है ।
यातायात विभाग इस मार्ग पर जिन जवानों को तैनात करता है उनकी उपस्थिती में भी यात्री तथा भारी वाहनों का आना जाना होता है । इस तंग मार्ग पर यातायात का इतना अधिक दबाव रहता है कि बड़े वाहनों के कारण अनेक स्थानों पर जाम की स्थिती बनती है और यात्री वाहन अपनी टाईमिंग के चक्कर में नियम कानूनों एवं मानव सुरक्षा को नजरांदाज करते हुये भागने की कोशिश में रहते है ।
स्कूलों के समय भी इस प्रकार के वाहनों का प्रवेश होता है । इसके साथ ही उस समय बहुत अधिक खतरनाक स्थिती होती है जब बरघाट रोड स्थित रेलवे का गेट बंद होता है और गेट खुलने के बाद दुपहिया चौपहिया वाहन चालको के साथ रिक्शा एवं साईकिल चालक जाम की भीड़ को चीरते हुये अपने गंतत्व की ओर जाने के लिये निकलते है और इस जाम को भारी वाहन खतरनाक बना देते है ।
वहीं इस संबंध में यातायात प्रभारी से चर्चा की गयी तो उनका कहना है कि इस प्रतिबंधित मार्ग से यात्री वाहन एवं भारी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित है जो इसका उल्लघंन्न करते है उन पर चालानी कार्यवाही की जाती है । हालांकि पुलिस चालानी कार्यवाही का भले ही दावा करें परंतु सुधार नहीं होना स्पष्ट कर रहा है कि इस प्रकार की चालानी कार्यवाही पर्याप्त नहीं है और यातायात विभाग की मूक सहमति से यात्री वाहनों का इस मार्ग से प्रतिबंध के बावजूद भी संचालन हो रहा है जो किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है ।




