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हत्या के चश्मदीद गवाह मुकर गए, फिर भी मिला उम्रकैद

अदालत ने कहा, “व्यक्ति झूठ बोल सकता है, पर परिस्थितियाँ नहीं”

सिवनी यशो:- जिला सिवनी के लखनादौन तहसील अंतर्गत आदेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भंडारदेव में हुई निर्मम हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार पालीवाल की अदालत ने आरोपी आदेश टेकाम को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस मामले में प्रमुख प्रत्यक्षदर्शी गवाह अंतिम सुनवाई के दौरान अपने बयान से मुकर गए थे, फिर भी अदालत ने परिस्थितिजन्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध करते हुए सजा सुनाई।

मामला क्या था?

घटना 23 मार्च 2024 की दोपहर लगभग चार बजे की है। आरोपी आदेश टेकाम के घर में उस समय उसकी पत्नी राजकुमारी, भतीजी अनुराधा और दीप्ति मौजूद थीं। हंसी-मजाक की बात पर आरोपी ने पत्नी से कहा कि “तुम मुझ पर क्यों हंस रही हो?” इस विवाद ने अचानक हिंसात्मक रूप ले लिया और आरोपी ने क्रोध में आकर पास रखे फावड़े से राजकुमारी पर वार कर दिया।

राजकुमारी गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़ी थी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे 108 एंबुलेंस से लखनादौन अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।

जांच और गवाही

मामले में थाना आदेगांव में अपराध क्रमांक 71/2024 धारा 307, 302 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमति कीर्ति तिवारी द्वारा अदालत में प्रभावी पैरवी की गई। सुनवाई के दौरान प्रारंभिक चश्मदीद गवाह दीप्ति और अनुराधा कोर्ट में अपने बयान बदलते हुए घटना से मुकर गए और कहा कि राजकुमारी छत से गिरने से घायल हुई थी।

इसके बावजूद अदालत ने विवेचना में प्रस्तुत वैज्ञानिक प्रमाण, घटनास्थल की परिस्थितियाँ, मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक तथ्यों और आरोपी के व्यवहारिक संकेतों का विश्लेषण कर उसे दोषी पाया।

अदालत ने क्या कहा?

न्यायालय ने अपने निर्णय में उल्लेख किया कि –
“व्यक्ति झूठ बोल सकता है, परन्तु परिस्थितियाँ और वैज्ञानिक साक्ष्य झूठ नहीं बोलते।”

अदालत ने आरोपी आदेश टेकाम को धारा 302 भादवि में दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास एवं 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई 

📌 मुख्य तथ्य संक्षेप में

बिंदु विवरण

घटना स्थल ग्राम भंडारदेव, थाना आदेगांव
आरोपी आदेश टेकाम
मृतिका राजकुमारी
घटना की तारीख 23 मार्च 2024
सजा आजीवन कारावास + ₹10,000 अर्थदंड
न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायालय, लखनादौन
निर्णय की विशेषता गवाह मुकर गए, फिर भी सजा

🖊️ रिपोर्टिंग के स्रोत
मनोज कुमार सैयाम, मीडिया प्रभारी – अभियोजन।

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