खरीदी केन्द्र में लुट रहा किसान, कुचिया व्यापारियों की धमक
11 January 2025
सिवनी यशो:- धनौरा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के महावीर वेयर हाउस में धान खरीदी केंद्र बना हुआ है जहाँ किसानों को जमकर शोषण किया जाने की बात कही जा रही है । बताते है कि इस केनद्र में किसी भी समय जाँच करा ली जाये तो गड़बडिय़ों की पोल खुल जायेगी । महावीर वेयरहाउस धनौरा धान खरीदी केंद्र के संबंध में बताया गया है कि यहाँ 40 किलो की भरती के एवज में 41 किलो 200 और 300 ग्राम से अधिक धान ली जा रही है जबकि शासन के आदेश अनुसार अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम लेने का आदेश है ।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीदी प्रबंधक, प्रभारी और सुपरवाइजर कुचिया व्यापारियों से भी सांठ गांठ किये हुये है जहाँ किसानों को परेशान किया जाता है और कुचिया व्यापारियों के माध्यम से किसानों की धान खरीदी जा रहा है । किसानों की उपज नान एफएक्यू बताकर उन्हें परेशान किया जाता है और व्यापारी उसी धान को किसान से लेकर किसान के ही रजिस्टे्रशन पर तुलवा देता है जिसके एवज में किसान से मोटी राशि कुचिया व्यापारी लेता है और सेटिंग के आधार पर बेच देता है ।
सरकार किसानों के हित में बड़े बड़े दावा करती है परंतु मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में किसानों से सीधी लूट की जा रही है । भ्रष्टाचार अपने चरम पर है । आदिम जाति सेवा सहकारी समिति धनौरा में महावीर वेयरहाउस खरीदी केंद्र क्र 59237165 धान की खुली बोरियां जिन पर टैग लगाना था परंतु टैग एवं डबल सिलाई,नहीं है गुमराह करने के लिए दो-चार बोरियों के ऊपर वैसे ही टैग बगैर सिलाई के रख दिए जाते हैं और हजारों बोरिया ऐसे ही पड़ी है । जिसका वीडियो हमारे संवाददाता को पीडि़त किसान द्वारा भेजा गया है ।
किसानों की मांग है कि सिवनी जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन महावीर वेयरहाउस खरीदी केंद्र आदिम जाति सेवा सहकारी समिति धनौरा की जाँच करायें और लूटपाट पर अंकुश लगाये । किसान धनौरा खरीदी केंद्र में जिस तरह से लुट रहे है और जो चर्चाएँ है वह चिंताजनक है । आदिम जाति सेवा सहकारी समिति धनौरा प्रबंधक विनोद झरिया खरीदी प्रभारी श्रीमती नेम लता उईके आर बी कम्पनी के सुपरवाइजर प्रवीण चाहार पर आरोप है कि वे किसानों से अधिक धान ले रहे हैं और उन्हें कमीशन के नाम पर लूट रहे हैं ।
यहाँ किसानों से तुलाई, पल्लेदारी, सिलाई आदि के नाम पर भी वसूली की जा रही है । खरीदी केन्द्र के प्रबंधक द्वारा किसानों का जमकर शोषण तो किया ही जा रहा है और खरीदी केन्द्र में किसानों को जो आवश्यक सुविधाएं देने का प्रावधान है वह भी गायब है । इस खरीदी केन्द्र की यदि जाँच की जाये तो स्पष्ट हो जायेगा कि किसानों से कितना अधिक धान प्रति क्विंटल लिया जा रहा है और उन्हें क्या सुविधाएँ दी जा रही है ।




