टूटी हॉकी से अंतरराष्ट्रीय मंच तक: सिवनी की नौशीन नाज का एशिया कप में चयन
संघर्ष की प्रेरक कहानी - अब एशिया कप में चमकेगी सिवनी की बेटी नौशीन
टूटी हॉकी से शुरुआत कर सिवनी की नौशीन नाज ने एशिया कप तक का सफर तय किया है। उनका चयन जापान में होने वाले अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट के लिए हुआ है, जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
सिवनी हॉकी खिलाड़ी – टूटी हॉकी से शुरू हुआ सफर
Seoni 01 May 2026
सिवनी यशो:- सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की मिसाल बनीं सिवनी की 15 वर्षीय हॉकी खिलाड़ी नौशीन नाज अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। उनका चयन आगामी 29 मई को जापान में आयोजित होने वाले एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए हुआ है।
टूटी हॉकी से शुरू हुआ संघर्षपूर्ण सफर
हड्डी गोदाम क्षेत्र निवासी नौशीन ने महज 10 वर्ष की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया। आर्थिक तंगी के कारण परिवार नई हॉकी उपलब्ध नहीं करा सका। ऐसे में नौशीन ने हार नहीं मानी और एक परिचित से मिली टूटी हॉकी को ही ठीक कर अभ्यास शुरू किया।
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यही संघर्ष उनकी सबसे बड़ी ताकत बना और उन्होंने धीरे-धीरे अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया।
ग्वालियर अकादमी से राष्ट्रीय पहचान तक
प्रतिभा को देखते हुए नौशीन का चयन ग्वालियर हॉकी अकादमी में हुआ, जहां उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
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- रांची में रजत पदक
- राजनांदगांव में वेस्ट जोन प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
नौशीन के पिता अहफाज खान ने अपनी तीन बेटियों—तहूर नाज, नौशीन नाज और तवारिक नाज—को हॉकी के लिए प्रोत्साहित किया। तीनों बहनें अब प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।
सेंटर फॉरवर्ड के रूप में चमक
नौशीन वर्तमान में सब-जूनियर राष्ट्रीय हॉकी में सेंटर फॉरवर्ड के रूप में खेलती हैं और अपनी तेज रफ्तार व गोल करने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
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एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व
अब नौशीन का चयन अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए हुआ है, जहां वह जापान में भारत की ओर से खेलेंगी। यह पूरे सिवनी जिले के लिए गर्व का क्षण है।
निष्कर्ष: नौशीन की कहानी साबित करती है कि मजबूत इरादों के आगे संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती।





