घंसौर तहसील में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का हल्ला बोल
पट्टाधारी आदिवासी को अवैध कब्जाधारी बताने का आरोप, 10 दिन में आदेश निरस्त नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

घंसौर तहसील में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का हल्ला बोल
घंसौर यशो :- घंसौर तहसील परिसर में बुधवार को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ब्लॉक शाखा घंसौर के नेतृत्व में आदिवासी परिवार की बेदखली के विरोध में एकदिवसीय धरना एवं ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने तहसीलदार एवं एसडीएम घंसौर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
पट्टाधारी आदिवासी को बेदखल करने का आरोप
यह आंदोलन गोंड समाज के गेंन सिंह मरावी पिता भजन सिंह मरावी के विरुद्ध जारी बेदखली आदेश को निरस्त कराने तथा पट्टाधारी भूमि पर उनका कब्जा यथावत बनाए रखने की मांग को लेकर किया गया।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत बुधेरा, पटवारी हल्का नंबर 64, खसरा नंबर 287, कुल रकबा 3.93 हेक्टेयर भूमि पर गेंन सिंह मरावी लगभग 30 वर्षों से निवासरत हैं।
0.45 हेक्टेयर भूमि को बताया गया अवैध
आंदोलनकारियों के अनुसार उक्त भूमि शासकीय पट्टे की है, लेकिन तहसील घंसौर द्वारा 0.45 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जा बताते हुए बेदखली नोटिस जारी किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि गेंन सिंह मरावी बरगी बांध से प्रभावित विस्थापित हैं, जिनके पास वर्ष 1995 का शासकीय पट्टा उपलब्ध है।
वन अधिकार अधिनियम के तहत भी पट्टा प्राप्त
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने दावा किया कि संबंधित परिवार को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि काबिज पट्टा भी प्राप्त है, इसके बावजूद उन्हें अवैध कब्जाधारी बताकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
कई बार आवेदन, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
ज्ञापन में बताया गया कि गेंन सिंह मरावी द्वारा 05/05/2020, 06/01/2025, 15/01/2025, 13/02/2025 एवं 24/02/2025 को तहसीलदार को आवेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं न्यायसंगत कार्यवाही नहीं की गई।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्राम के कुछ दबंग व्यक्तियों के प्रभाव में आकर आदिवासी परिवार को अवैध कब्जाधारी घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पूर्व शिकायतें जांच में निराधार पाई जा चुकी हैं।
खसरा नक्शे में जंगल दर्शाने पर भी आपत्ति
आंदोलनकारियों ने यह भी बताया कि संबंधित भूमि के खसरा नक्शे में ‘बड़े झाड़ का जंगल’ दर्शाया गया है, जिस पर पूर्व में आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सुधार नहीं किया गया।
10 दिवस में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिवस के भीतर बेदखली आदेश निरस्त कर पट्टाधारी आदिवासी परिवार को सुरक्षित नहीं रखा गया, तो पार्टी क्रमिक भूख हड़ताल एवं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अंत में आंदोलनकारियों ने एसडीएम घंसौर को ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित एवं न्यायसंगत कार्यवाही की मांग की।



