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good morning thoughts : वह बचपन सौभाग्यशाली है, जिसे बुजुर्गों का समर्थ सम्बल मिलता है

      प्रायः बुढ़ापे में इन्द्रियाँ शिथिल हो जाती है। शरीर पूरी क्षमता के साथ काम करने में सक्षम नहीं होता और शरीर पर अशक्तता हावी होने लगती है। 
      हर युवा एवं प्रौढ़ को भी समय रहते अपनी वृद्धावस्था के लिए पूर्व से दूरदर्शिता भरी तैयारी करने की आवश्यकता है, जिससे कि वे समय आने पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ परिवार और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। 
      हमें यह नहीं भूलना चाहिए, कि बुजुर्ग अनुभव से पके, श्रद्धा-सम्मान के पात्र परिवार के बहुमूल्य सदस्य एवं किसी भी समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। इनकी देखरेख हमारा पावन कर्तव्य है और आवश्यकता भी।
good morning thoughts : वह बचपन सौभाग्यशाली है, जिसे बुजुर्गों का समर्थ सम्बल मिलता है - Seoni News
       बुजुर्ग अनुभवों से परिपक्व चलते-फिरते पुस्तकालय होते हैं। बुजुर्गों के जीवन भर के अनुभवों से पकी कहानियाँ, रोचक संस्मरण, ज्ञानवर्धक बातें एक अमूल्य थाती है, जिनकी छाया में एक शानदार एवं यादगार बचपन पनप सकता है। 
      ऐसा बचपन सौभाग्यशाली है, जिसे बुजुर्गों का समर्थ सम्बल मिलता है। ऐसा व्यक्ति निश्चित रूप से जीवन पर्यन्त एक गहरी भावनात्मक सन्तुष्टि एवं दृढ़ता लिए होंगे और जीवन की चुनौतियों का बखूबी सामना करने की स्थिति में होंगे।
       परिवार एवं समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा एवं तिरस्कार की घटनाएँ बढ़ती जा रही है। बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति का अभिन्न अङ्ग रहा है, लेकिन बदलते समय के साथ इसमें गिरावट आ चली है। 
      जीवन के प्रारम्भिक वर्षों में बुजुर्ग बच्चों के भावी जीवन की सशक्त नींव रखने में अपना उल्लेखनीय योगदान दे सकते हैं। घर में पढ़ाई-लिखाई के साथ बच्चों के साथ बुजुर्ग बाहर घूमने का समय निकाल सकते हैं और उनकी बाल सुलभ जिज्ञासाओं का समुचित समाधान करते हुए बच्चों के ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं।
       बुजुर्गों का कर्तव्य है, कि वे जीवन के अनुभवों से नई पीढ़ी का यथा-सम्भव लाभ दें। बच्चों के साथ बिताने के लिए गुणवत्तापूर्ण समय निकालें। बच्चों की शिक्षा से लेकर उनको संस्कार सम्पन्न बनाने में अपना आवश्यक योगदान दें।
       ऐसा करने से बुजुर्गों को गहरी सन्तुष्टि व शान्ति मिलेगी और साथ ही साथ जीवन की आपाधापी में खोए तनावग्रस्त माता-पिता के लिए भी बुजुर्ग भी एक बहुत बड़ा सम्बल साबित होंगे।
       परिवार और समाज के लिए उपयोगिता के आधार पर जो सम्मान एवं गौरव का भाव मिलता है, उसके वह सहज रूप से अधिकारी बनेंगे।

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