मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह में लापरवाही से आधा दर्जन गोवंश की मौत
लापरवाही बरतने पर जनपद एवं नगर परिषद एक दूसरे पर फोड़ रहे ठीकरा
Seoni 27 February 2025
छपारा यशो:- गुरुवार सुबह नगर के सिंचाई कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया जब पालतू मवेशी एक बाद एक अचानक बीमार हो कर खत्म हो गये
तब स्थानीय लोगों ने मीडिया कर्मियों से इस घटना के विषय में जानकारी दी जिस पर मौके पर जाकर घटना के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी ली गई।
सिंचाई कालोनी निवासी पशु पालक मीरा बाई यादव,अतरलाल डेहरिया और रंजीत सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत 25 फरवरी को सिंचाई कालोनी के मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह का सामूहिक आयोजन जनपद पंचायत की देख रेख में किया गया था कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात
बचे हुए भोजन को वहीं खुले में फेंक दिया गया जिसको खाकर आवारा मवेशियों सहित हमारे पालतू मवेशी भी बीमार होने के बाद मृत हो गए जिसमें मीरा बाई यादव ने बताया कि पालतू गाय उनकी जीविका का साधन था दूध बेचकर वह अपना जीविकोपार्जन कर रही थी उक्त लापरवाही पूर्वक फेंक गए भोजन के कारण उनकी गाय की मौत हो गई, जिसका हर्जाना कौन देगा फिलहाल इस घटना से उनकी कमर तोड दी है।
ज्ञात हो कि सिंचाई कालोनी के अलग अलग हिस्से में जगह जगह 6 मवेशियों के मृत देखें जाने की खबर तेजी से नगर में फ़ैल गई मवेशियों की मौत के साथ एवं बड़ी संख्या में अन्य मवेशी भी बिमारी हो गए इस तरह मृत जानवर सहित इन मवेशियों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा पार कर गई। इस मामले पर नगर के शासकीय पशु चिकित्सालय पदस्थ डॉ एसके गौतम ने पशुओं को बचाने का भरसक प्रयास किया परन्तु 6 से ज्यादा पशुओं को नहीं बचाया जा सका?।
स्थानीय प्रशासन द्वारा हुई लापरवाही पर जब जनपद पंचायत सीईओ राकेश दुबे से बात हुई तो उन्होंने अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ते हुए साफ सफाई की जिम्मेदारी नगर परिषद को करनी चाहिए थी ऐसी बात कहीं साथ ही
खाना बनाने का ठेका लेने वाले को भी नोटिस जारी करने की बात कहीं।
जिस पर एक बात समझ से परे है कि उक्त खाना बनाने का ठेका लेने वाला ठेकेदार कोई शासकीय कर्मचारी है जिससे रिकवरी की जायेगी।
वहीं नगर परिषद सीएमओ श्याम गोपाल भारती एवं नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती निशा पटेल ने उक्त घटना को दुखद बताते हुए शोक व्यक्त किया किंतु घटना की जवाबदेही लेने को कोई तैयार नहीं है उनका कहना है कि हमारे ओर से कार्यक्रम के बाद मैदान सहित आसपास की साफ सफाई की गई थी किंतु बचा हुआ भोजन को बनाने वाले द्वारा खुले में नहीं फेकना था यदि वह इसकी जानकारी हमको देता हम उसको गढ्ढा खुद कर विनिष्ट कर देते।
इस तरह जनपद पंचायत एवं नगर परिषद एक दूसरे को जवाबदेह बताते हुए दोषारोपण किया जा रहा है वहीं मृत पशुओं के पशुपालक अपने दुधारू पशुओं की असमय मृत्यु से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कहां जाएं उन्हें समझ नहीं आ रहा है। दरअसल शासन के आयोजित कार्यक्रम से बचा बड़ी मात्रा में भोजन को नियमानुसार गड्डे खोदकर जमीन में गाड़कर उसका विशिष्टीकरण होना चाहिए था पर ऐसा न करने की बजाय खुले में कुछ दूरी पर फैंक दिया गया जिसकी दोनों ही आयोजक विभाग की बड़ी चूक ने इन मवेशियों की जान ले ली। सिंचाई कालोनी निवासी पशु पालक रंजीत सिंह चौहान के द्वारा नगर के पुलिस थाना एवं पशु चिकित्सालय में लिखित शिकायत दर्ज करा कर उचित जांच एवं सहायता करने की माँग की। साथ ही स्थानीय लोगों ने इस प्रकार आयोजित समारोह में स्थानीय प्रशासन के द्वारा बरती गई लापरवाही बरतने पर अनुविभागीय अधिकारी रवि कुमार सिहाग सहित कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन दंडात्मक कार्यवाही दोषियों पर किए जाने की अपील की गई है।
इनका कहना है:-
हमारे द्वारा नगर परिषद को उक्त आयोजन के लिए व्यवस्था हेतु पत्र जारी किया गया था यह बहुत ही दुखद घटना हुई।
राकेश दुबे, सीईओ
जनपद पंचायत छपारा,
में उस दिन प्रयागराज में थी ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए बेहद दुखद हुआ।
श्रीमती निशा पटेल, अध्यक्ष
नगर परिषद, छपारा
हमारे द्वारा उक्त स्थान की साफ-सफाई करवा दी गई परंतु बचा भोजन दूर फेंक दिया गया।
श्याम गोपाल भारती, सीएमओ
नगर परिषद, छपारा






