सिवनी: फांसी के फंदे पर लटके युवक की पुलिस ने बचाई जान, CPR से मिली जिंदगी
सिवनी यशो :- आदेगांव थाना पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता से एक व्यक्ति की जान बच गई। ग्राम बोरिया के जंगल में एक व्यक्ति के फांसी लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। परिजनों द्वारा उसे फंदे से नीचे उतारा जा चुका था। जांच में उसकी हल्की धड़कन और सांस चलती मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर CPR और चेस्ट पंप देकर जीवन बचाने का प्रयास शुरू किया।
पुलिस की तत्परता के बाद व्यक्ति को डायल-112 वाहन की मदद से तत्काल सिविल अस्पताल लखनादौन पहुंचाया गया, जहां समय पर उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है और वह उपचाराधीन है।
डायल-112 पर मिली सूचना, तुरंत जंगल पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि ग्राम बोरिया के एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आदेगांव उनि. आशीष धुर्वे ने पुलिस टीम को तत्काल रवाना किया।
थाना प्रभारी के साथ प्रआर 222 लक्ष्मण भलावी एवं ग्राम रक्षा समिति सदस्य विकास यादव मौके के लिए रवाना हुए। टीम ग्राम बोरिया के जंगल के पास पहुंची, जहां सागौन के पेड़ के नीचे एक व्यक्ति को परिजनों द्वारा फंदे से नीचे उतारा हुआ पाया।
धड़कन और सांस मिलते ही शुरू किया CPR
पुलिस टीम ने मौके पर व्यक्ति की स्थिति की तत्काल जांच की। नाक, गले एवं सीने की जांच करने पर हल्की धड़कन और श्वास पाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए मौके पर ही CPR और चेस्ट पंप दिया।
इसके बाद सूचना देने वाले व्यक्ति और परिजनों की सहायता से घायल को जंगल से बाहर लाया गया। डायल-112 वाहन से उसे तत्काल सिविल अस्पताल लखनादौन पहुंचाया गया।
समय पर उपचार मिलने से बची जान
अस्पताल में समय पर उपचार मिलने के बाद शिवकुमार इनवाती, पिता बेलापुर इनवाती, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम बोरिया, थाना आदेगांव की हालत में सुधार बताया गया है। वह फिलहाल उपचाराधीन है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि आपात स्थिति में समय पर सूचना, तत्काल मौके पर पहुंचना और प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता किसी की जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस टीम की तत्परता की सराहना
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि. आशीष धुर्वे, प्रआर 222 लक्ष्मण भलावी, ग्राम रक्षा समिति सदस्य विकास यादव एवं डायल-112 वाहन चालक चंद्रशेखर यादव की विशेष भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने टीम की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा और जीवन रक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह घटना आपात परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय पहल का उदाहरण बनकर सामने आई है।



