वन क्षेत्र में सड़क के अवैध निर्माण से वन समिति नाराज, अधिकारी मौन
वन विभाग की भूमि पर रोड बनाकर कैमिकल युक्त राख का कर रहा अवैध परिवहन
Seoni 27 February 2025
सिवनी यशो:- सिवनी जिले का आदिवासी बाहुल क्षेत्र तहसील घसौर में थर्मल पावर प्लांट झाबुआ , एनटीपीसी का संयुक्त उपक्रम बरेला इस समय काफी सुर्खियां बटोर रहा है। सूत्रों के मुताबिक उत्तर सामान्य वन परिक्षेत्र शिकारा के चरी पंचायत के ग्राम उमरपानी से रजगढ़ी के बीच में एबी केरियर कंपनी नागपुर के पेटी ठेकेदार सुशांत उर्फ मधु जैन द्वारा अपनी सुविधा के लिए बनायी गयी सड़क के निर्माण को लेकर वन समिति उमरपानी ने विरोध दर्ज कराते हुए निर्माण कार्य को तुरंत रोकने के लिए शिकायत दर्ज कराई है।
ग्राम उमरपानी के वन समिति अध्यक्ष फूल सिंह सैयाम ने शिकायत दर्ज कराते हुए अनुविभागीय अधिकारी घंसौर एवं डीएफओ उत्तर सामान्य वन मंडल सिवनी को बताया है कि उक्त अवैध सड़क निर्माण से वन भूमि एवं राजस्व भूमि में लगे जंगलों में भारी नुकसान हो रहा है। आदिवासी किसानों ने अपनी शिकायत में बताया है उक्त अवैध तरीके से सड़क का दिनदहाड़े निर्माण करके झाबुआ पावर प्लांट एनटीपीसी बरेला से निकलने वाली कैमिकल युक्त राख को हाइवा डम्फरों से परिवहन करने के लिये मुण्डा उमरपानी से रजगढ़ी गांव तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है। जिसमें वन विभाग की पत्थर की टेंचियों एवं मुनारों को बहुत ही ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
इस पूरे मामले में जब हमारी टीम ने निरीक्षण किया तो पाया कि वन विभाग की कई टेंचियो को ऐबी केरियर नागपुर की कंपनी के पेटी ठेकेदार मधु जैन ठेकेदार द्वारा खुलेआम दिनदहाड़े नियमों की धज्जियाँ उडाई जा रही है। इस पूरे मामले में वन विभाग एवं राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों द्वारा मौन धारण करते हुये ठेकेदार को स्वीकृति दी गयी है जबकि क्षेत्र वासियों द्वारा बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में कुछ दिनों पहले बाध की मूवमेंट देखी गयी थी। जबकि इस क्षेत्र में सडक निर्माण का कोई औचित्य भी नहीं है परंतु ऐबी केरियर कंपनी द्वारा जो की प्लांट से खराब राख परिवहन कर जंगल के पेड़ पौधों को प्रदूषित कर लाखों करोड़ों के बारे न्यारे कर मौज करेगी।
वही वन परिक्षेत्र शिकारा के अधिकारी कर्मचारी ऐवी कैरियर कंपनी द्वारा राजनैतिक प्रेशर से मौन स्वीकृति देकर उक्त अवैध सड़क का निर्माण करवाया गया है। यह कई सवालों को जन्म देता है। इस पूरे मामले में वन समिति उमरपानी द्वारा वन विभाग एवं राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया गया है कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच की जाए एवं वन विभाग व राजस्व विभाग की भूमि पर अवैध तरीके से बनाई गयी सडक पर हायवा डम्फरों द्वारा झाबुआ पावर प्लांट एन टी पी सी बरेला की कैमिकल युक्त राख का अवैध परिवहन पर पूरी तरह से तुरंत रोक लगाई जाये।





