मैं किसानों के लिये लडता रहूँगा, विधानसभा में आवाज दबायी जा रही है – रजनीश
सिंचाई विभाग की धोखे बाजी से किसान बर्बाद होगया है, कर्ज में लद गया उसके अरमान ध्वस्त हो गये
Seoni 11 March 2025
सिवनी यशो:- विधानसभा के प्रारंभ हुये बजट सत्र में मंगलवार11 मार्च को केवलारी विधायक ठा. रजनीश हरवंश सिंह एवं कांग्रेस विधायक दल ने किसानों की माँगों को लेकर अलग अंदाज में प्रदर्शन किया, और किसानों की बेहतर सुविधाएँ देने की मांग की ।
केवलारी विधायक ठा.रजनीश हरवंश सिंह एवं कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास किसानों की माँगो को लेकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन में केवलारी विधानसभा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण अन्नदाताओं किसानों को पानी नहीं मिलने से बर्बाद हो रही फसलों के लिये निरंकुश अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय कर किसानों की बढ़ती समस्या की ओर सरकार को आड़े हाथों लिया । केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह विधानसभा में किसानों की सूखी हुई फसले लेकर पहँुचे ।
मध्य प्रदेश की क्चछ्वक्क सरकार एक तरफ़ किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहती है वहीं दूसरी ओर किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी, खाद, बीज एवं बिजली न देकर किसानों को कजऱ् और घाटे में धकेल रही है!
आज विधायक रजनीश हरवंश सिंह ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर केवलारी विधानसभा क्षेत्रंतार्गत आने वाले विभिन्न टेल क्षेत्र के ग्रामों में पानी न मिलने के कारण जो फसल सूखकर नष्ट हुई है उसका सर्वे कराया जाकर आर बी सी 64 के तहत अन्नदाता किसानों को मुआवजा दिये जाने की माँग किया व पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने की माँग की।
विधायक रजनीश हरवंश सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में पानी की जटिल समस्या को लेकर ध्यानाकर्षण के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष महोदय के समक्ष रखा जिसमें कहा जल संसाधन विभाग की घोर लापरवाही के कारण भीमगढ़ बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद भी किसानों को पानी नहीं मिला जिससे उनकी फसल नष्ट हो गई जबकि सीजन के पूर्व विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों के द्वारा 15-15 दिनों में किसानों को पानी दिये जाने का आश्वासन दिया गया जिसके बाद ही किसानों ने अपनी बोनी की थी परंतु आज क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा ऐंसी स्थिति निर्मित की गई कि कही 1 पानी मिला और कही 2 पानी मिला व कही तो आज दिनांक तक पानी नहीं पहुँचा। वर्तमान में किसानों ने अपनी पूरी लागत तो खेत में लगा दी और पानी न मिलने के कारण फसल सुखकर नष्ट हो गई। जिसके कारण अन्नदाता किसानों के माथे में चिंता की लकीरें पड़ी है।



