बेरोजगार युवाओं को सांप की तरह डस रही है सरकार – उमंग सिंघार
बजट सत्र के दूसरे दिन सांप लेकर पहुँचे नेता प्रतिपक्ष
Bhopal11 March 2025
भोपाल यशो:- मंगलवार को विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्लास्टिक का सांप टोकरी में लेकर पहुँचे और उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को डस रही है उन्हें रोजगार देने के नाम पर सरकार छलावा कर रही है । प्रतिपक्ष पहले दिन काला नकाब पहनकर पहुंचे थे ।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दूसरे दिन टोकरी में सांप लेकर पहुंचे। उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, सरकार युवाओं को डसना बंद करे। उमंग सिंघार ने कहा प्रदर्शन करते हुए कहा – “बेरोजगार युवाओं को सांप बनकर कब तक डसेगी भाजपा सरकार! विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार न दिए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों के साथ सांप हाथ में लेकर भाजपा सरकार का कड़ा विरोध करने पहुंचे ।
मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। हजारों सरकारी पद खाली हैं, फिर भी युवा बेरोजगार क्यों हैं? सरकार का वादा था कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन भाजपा सरकार युवाओं के रोजगार पर सांप की तरह कुंडली मार कर बैठी है और हर दिन बेरोजगार युवाओं को डस रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश का युवा सरकार से सवाल कर रहा है कि रूक्कक्कस्ष्ट भर्ती क्यों रोकी गई? क्या युवाओं के साथ वादाखिलाफी कर रही है सरकार? क्या युवाओं के रोजगार देने का वादा सिर्फ धोखा है? युवाओं को डसना बंद करे, हर बेरोजगार के सवालों का जवाब दे भाजपा सरकार! मध्य प्रदेश के उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत सत्यदेव कटारे ने कहा, भाजपा का असली चेहरा काले सांप जैसा ही है…वे राज्य के युवाओं के भविष्य को डस रहे हैं और मार रहे हैं। हम यह विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यहां के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है…इस वजह से मध्य प्रदेश के युवा दूसरी जगहों पर पलायन कर रहे हैं।
रामेश्वर शर्मा सांप को लेकर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस में कई आस्तीन के सांप हो गए हैं। जीतू पटवारी उमंग सिंघार को डस रहे हैं। सिंघार दिग्विजय सिंह को डस रहे हैं। दिग्विजय कमलनाथ को डस रहे हैं। इसलिए कांग्रेस सांप पकडऩे का प्रशिक्षण ले रही है। उनकी किस्मत कितनी खराब है। खुद का बनाया मंच ही टूट गया। खुद घायल हो गए। जिसकी किस्मत खराब हो, उसका न मौसम साथ देता है न जनता।



