धर्मसिवनी

जन्म मरण के बंधन से मुक्ति चाहते हो तो भगवद् गीता को आत्मसात करों – ब्रह्मचारी निर्विकल्प जी

Seoni 22 December 2024
सिवनी यशो:- वराह पुराण में भगवान् वराह पृथ्वी देवी से कह रहे हैं, हे देवी जहाँ पर गीता का पठन पाठन होता है, श्रवण होता है, सत्संग होता है वहाँ पर में नित्य निवास करता हूँ।
उक्ताशय के प्रवचन करते हुए गीता पराभक्ति मण्डल के तत्वावधान में चल रहे गीता सत्संग महोत्सव के द्वितीय दिवस में ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज ने कहा कि भगवान् राम ने विभीषण से कहते हैं कि संसार एक शत्रु है ये महाअजेय है रावण तो अजय है मगर जिससे लडऩा है ये संसार ये रावण से भी बलशाली है, महाअजेय है, इसको जो जीत लेता है वही परमवीर है लेकिन उसके लिए भगवान राम धर्म रथ पर आरूढ़ होकर, रावण को भी और इस संसार को भी जीत लिया उसी प्रकार हम सब भी उसी जग में पड़े हुए हैं, ये जो जन्म मरण के चक्कर के बीच में पड़े हुए है तो इसमें हमको धक्का मारा जा रहा है। ये बलवती माया इसको जीतना है, तो उसके लिए भगवद् गीता सुननी पड़ेगी उसको आत्मसात करना पड़ेगा तब आप भी इस बलवती माया को जीत सकेंगे।

श्रीमद् भगवद्गीता (Srimad Bhagavad Geeta) को पूज्य श्री ब्रह्मचारी निर्विकल्प स्वरूप जी द्वारा सहज सरल भाषा एवं लौकिक दृष्टांत के माध्यम से समझाते हुए कहा कि भगवान् श्रीकृष्ण ने बिना अर्जुन के पूछे ही उसको उपदेश देना प्रारंभ कर दिया। भगवान् कहते हैं में तुम्हेँ ज्ञान विज्ञान का उपदेश देता हूँ, इसमें कुछ विद्वानों के मत हैं कि जो गुरुजी होते हैं ना वो हर बार शिष्य के पूछने पर ही बताते हैं ऐसा नहीं है, कभी कभी शिष्य पर करुणा करके शिष्य के न पूछने पर भी ऐसी ऐसी बाते बता देते हैं जो जीवन के हर मोड़ में उपयोगी होती है, पर शिष्य में योग्यता होनी चाहिए, वह योग्यता अर्जुन में थी तभी भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान विज्ञान योग का उपदेश दिया ।

इस गीता सत्संग महोत्सव की एक ओर विशेषता है प्रवचन विराम के बाद प्रश्नोत्तरी माला होती है जिसमे प्रवचन से संबंधित प्रश्न किये जाते श्रोता उसका उत्तर देते है और सही उत्तर देने वाले श्रोताओं को मंच से पूज्य ब्रह्मचारी जी महाराज पुरस्कृत करते है।
साथ ही गीता परभक्ति मण्डल की संयोजिका ममता बघेल जी ने कहा कि आध्यत्मिक संस्था गीता पराभक्ति मण्डल से जुड़ें और गीता का पठन-पाठन करें, गीता जी को अपने जीवन में उतारें, हमारे गीता पराभक्ति मण्डल की तरफ से नि: शुल्क गीता पढाई जाती है ऑनलाइन ऑफलाइन जो भी श्रद्धालु गीता पढऩा चाहता हो इस आध्यात्मिक संस्था से सम्पर्क करें।

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