धर्मसिवनी

सिवनी में दशलक्षण महापर्व: मुनि श्री धर्मसागर व भावसागर जी के सानिध्य में मांगलिक क्रियाएं संपन्न, योगाचार्य डॉ. नवीन जैन ने बच्चों को पढ़ाई में आगे रहने के सूत्र बताए

श्री बाहुबली भगवान की प्रतिमा पर हुआ महामस्तकाभिषेक

Seoni 02 September 2025

सिवनी यशो:- सिवनी में दशलक्षण महापर्व 2025 के अंतर्गत मंगलवार को श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भव्य मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुईं।”

 इस अवसर पर महासमाधि धारक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के शिष्य –

मुनि श्री धर्मसागर जी महाराज, मुनि श्री भावसागर जी महाराज तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योगाचार्य डॉ. नवीन जैन के सानिध्य में अनेक धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजन हुए।

प्रमुख आयोजन

  • श्री बाहुबली भगवान की विशाल प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक

  • विशिष्ट मंत्रों के साथ शांतिधारा व पूजन

  • छत्र अर्पण और चंवर स्थापना

  • 6 उपवास करने वाले श्रद्धालुओं द्वारा शास्त्र दान

  • तत्वार्थ सूत्र का वाचन और मुनि श्री धर्मसागर जी महाराज द्वारा कक्षा संचालन

  • मुनि श्री भावसागर जी महाराज द्वारा समवशरण ध्यान

  • रात्रिकालीन महाआरती, भजन प्रतियोगिता और प्रवचन

योगाचार्य डॉ. नवीन जैन का संदेश

डॉ. नवीन जैन ने अपने प्रवचन में लोगों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र बताए और बच्चों को पढ़ाई में आगे रहने के लिए स्मार्ट वर्क, नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच अपनाने का मार्गदर्शन दिया।

मुनि श्री भावसागर जी महाराज का उपदेश

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा—

  • पुण्य आत्मा पुरुषों और धर्म की महिमा निराली है, अतः उनका सम्मान अवश्य करें।

  • संयम से ही आदमी ‘सरताज’ बनता है, यही मार्ग उसे जिनराज तक ले जाता है।

  • धर्म और गुरु की कृपा से सब कुछ संभव है, उपवास करने वालों की सेवा अवश्य करनी चाहिए।

  • आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने संयम और सेवा से भारतीय संस्कृति को विश्वभर में प्रतिष्ठित किया है, आज 135 गौशालाएं उनके मार्गदर्शन में संचालित हो रही हैं।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे धार्मिक आयोजनों और गौशालाओं की जिम्मेदारी संभालें तथा धर्म की प्रभावना में तन, मन और धन से सहयोग करें।

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