चमारी क्षेत्र के तेंदानी ग्राम में यदुवंशियों ने मड़ई में जमकर किया नृत्य
छपारा यशो:- यूं तो हमारे देश में साल भर कोई ना कोई चीज त्यौहार मनाया ही जाता है वही एक तरह से देखा जाए तो हमारा देश में कई विभिन्न संस्कृति होने के बाद भी सारे देश के अलग-अलग हिस्सों में मनोरंजन का विशेष साधन मड़ई, मेलों का आयोजन है जिसमें हर वर्ग का व्यक्ति हिस्सा लेता है और अपना मनोरंजन करता है।
ज्ञात हो कि दीपावली पर्व के बाद से ही क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में तीन से चार महीने इन्हीं मड़ई मेलों का आयोजन जारी रहता है, जिसमे विशेष रूप से यादव यदुवंशी समाज द्वारा प्रत्येक मड़ई में विशेष योगदान या आकर्षण रहता है या यूं कहें कि उनके नाच या नृत्य के बिना यह मड़ई मेले संभव नही हैं।
इसी तरह गुरुवार को चमारी क्षेत्र के तेंदनी ग्राम में मड़ई का आयोजन किया गया, क्षेत्र वासियों के अनुसार उक्त मड़ई बहुत ही ऐतिहासिक रहती है,लोगो के मनोरंजन के लिए यहां पर सभी प्रकार के दुकानदार अपनी दुकान लगाते हैं जिसमे बच्चों के खेल खिलौना,झूलो से लेकर महिलाओं की खरीदारी के लिये दुकान सजाई जाती हैं,साथ ही लोगो के मनोरंजन से भरपूर एक उत्सव का माहौल रहा हैं। विभिन्न प्रकार की मिठाईयां,पीडी सिंगाड़ा,
गन्ना जैसे अन्य छोटे दुकानदारो का भी इस अवसर पर वव्यसाय हो जाता है। उक्त मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामवासी भी भारी संख्या में शामिल होकर यदुवंशियों द्वारा प्रस्तुत अहीरी नृत्य एवं आकर्षक झांकियों का आनंद लिए। ग्राम के बुजुर्गों के बताये अनुसार बरसों पहले मड़ई मेला लगने की परंपरा कुछ इस प्रकार भी बताते हैं कि उक्त मेले के माध्यम से विवाह योग वर वधू का रिश्ता भी तय होता था और ऐसे आयोजनों में लड़का लड़की के संबंध भी तय होते थे संबंध के बाद नव दंपत्ति इस मड़ई मेला में घूमने आते हैं सभी घरों में रिश्तेदार नातेदारो का आना जाना लगा रहता है सभी परिजन इस दिन बड़े उत्साह धूमधाम से इसे एक त्यौहार के रूप में मनाते थे जो आज भी वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में यह परंपरा जारी है।



