बालाघाट में स्वच्छता सेवा पखवाड़े में ‘नमो उपवन’ का लोकार्पण
पीएम मोदी और नपा उपाध्यक्ष के जन्मदिन पर लगाया एक पेड़ ‘मां के नाम’
बालाघाट यशो:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालाघाट नगर पालिका परिषद ने गायखुरी घाट (मां वैनगंगा नदी के तट) पर ‘नमो उपवन’ का लोकार्पण किया।
साथ ही 29 सितंबर को नपा उपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर के जन्मदिन के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान 2.0 के तहत पौधारोपण कर उनकी दीर्घायु की कामना की गई। इसके अतिरिक्त अंगीकार अभियान 2025 के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
🌱 मियावाकी पद्धति से तैयार ‘नमो उपवन’
नपा उपाध्यक्ष भारती ठाकुर ने बताया कि नगरपालिका परिषद बालाघाट द्वारा सेवा पखवाड़े के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा—स्वच्छोत्सव मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जन-भागीदारी, स्वच्छता सेवा और जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों को व्यापक रूप देना है।
उपाध्यक्ष ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मैंने भी एक पौधा ‘मां के नाम’ लगाकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली। मियावाकी पद्धति से पौधारोपण कर बालाघाट को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। नागरिक भी अपने जन्मदिन या अन्य शुभ अवसरों पर पौधारोपण कर इस पहल में योगदान दे सकते हैं।”
‘नमो उपवन’ में 0.15 एकड़ भूमि में 1238 पौधों का रोपण किया गया है। यह उपवन वैनगंगा घाट को हरियाली से भर देगा और नगरवासियों के लिए प्राकृतिक दृश्य उपलब्ध कराएगा।
🌿 नागरिक भी निभा सकते हैं भूमिका
मुख्य नगरपालिका अधिकारी बीडी कतरोलिया ने बताया कि नगरवासियों को पौधारोपण में भाग लेने के लिए नगरपालिका के उद्यान शाखा से संपर्क करना होगा। इससे नागरिक भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
🎉 कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थित
इस लोकार्पण एवं स्वच्छता सेवा पखवाड़े के आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
सुरजीतसिंह ठाकुर,
नपा उपाध्यक्ष योगेश बिसेन,
सभापति संगीता खगेश कावरे,
वकील वाधवा,
उज्जवल आमाडारे,
दीनु बसेने,
राकेश सेवईवार,
रमाकांत डहाके,
चंद्रकांत पिपलेवार,
कृष्णा सिंह,
गजेन्द्र भारद्वाज,
जैनेन्द्र कटरे,
राजेश लिल्हारे,
संजू वराड़े,
सुमित मंगलानी,
विशाल मंगलानी,
मोनिल जैन सहित अन्य।
नागरिकों और अधिकारियों ने मिलकर इस उपवन के माध्यम से स्वच्छता, हरित आवरण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को मजबूती मिलेगी।



