जम्बो सीताफल को मिलेगा जीआई टैग, सिवनी में उद्योगों पर फोकस
पीएमएफएमई योजना की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, “सिवनी जम्बो सीताफल” को जीआई टैग की दिशा में बड़ा कदम
Seoni 17 October 2025
सिवनी यशो:- कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सहायक संचालक उद्यानिकी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जिले में स्थापित इकाइयों की प्रगति और नवीन पहल की जानकारी प्रस्तुत की।
🌱 फसल आधारित इकाइयों को बढ़ावा देने के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विकासखंड अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध फसलों और बाजार की मांग के अनुसार विविध प्रकार के खाद्य उत्पादों के निर्माण हेतु किसानों, महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को प्रोत्साहित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि दिसंबर माह तक जिले को प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध चार गुना आवेदन बैंकों में प्रेषित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सके।
🏭 स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों की स्थापना पर जोर
कलेक्टर श्रीमती पटले ने कहा कि स्थानीय मांग के अनुरूप छोटे-छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जाएं। इससे न केवल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं को भी स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जो व्यक्ति पहले से प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य कर रहे हैं, उन्हें द्वितीय प्रसंस्करण (Value Addition) की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे उनके उत्पादों की बाज़ार प्रतिस्पर्धा और आय में वृद्धि होगी।
🍈 ‘सिवनी जम्बो सीताफल’ को जीआई टैग की दिशा में कदम
बैठक में सहायक संचालक डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने बताया कि “एक जिला एक उत्पाद (ODOP)” योजना के तहत सिवनी जिले की चयनित फसल सीताफल है।
उन्होंने कहा कि जिले के सीताफल को “सिवनी जम्बो सीताफल” नाम से ब्रांडिंग की जा रही है और उसे जीआई टैग (Geographical Indication) दिलाने की कार्यवाही प्रगति पर है।
कलेक्टर श्रीमती पटले ने निर्देश दिए कि सिवनी जम्बो सीताफल के अधिक पौधे तैयार कर उसका रकबा बढ़ाया जाए।
साथ ही, ग्रामवार पौध संख्या, उत्पादन और विपणन का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने को कहा।
🍮 सीताफल से उत्पाद निर्माण हेतु प्रेरणा
कलेक्टर ने उद्यमियों को सुझाव दिया कि-
वे सीताफल से रबड़ी,
पाउडर,
मिठाई,
आइसक्रीम जैसे उत्पाद तैयार करने की दिशा में कार्य करें।
इससे स्थानीय ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

🧺 उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग की सराहना
बैठक के अंत में कलेक्टर ने PMFME योजना के तहत स्वीकृत इकाइयों के उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने उनकी पैकेजिंग,
गुणवत्ता और प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि-
ऐसे प्रयासों से सिवनी जिला खाद्य प्रसंस्करण का केंद्र बन सकता है।
👥 बैठक में उपस्थित
बैठक में उद्यानिकी विभाग के सभी विकासखंड अधिकारी,
कर्मचारी एवं डीआरपी (District Resource Person) उपस्थित रहे।
🗝️ निष्कर्ष
कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की यह बैठक न केवल योजनाओं की समीक्षा थी, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सिवनी अब फसल आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की नई प्रयोगशाला बनने की दिशा में अग्रसर है।



