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षडयंत्र पूर्वक निकाल ली किडनी – आदिवासी महिला ने लगाया आरोप

पुलिस कर रही है गंभीरता से जाँच, पुलिस ने पाया कि महिला ने किडनी के बदले लिये है साढ़े छ: लाख रूपये

सिवनी यशो:- सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड की आदिवासी महिला संध्या इनवाती ने कुछ व्यक्तियों पर षडयंत्र करने, धोखा देने, बंधक बनाकर उसकी किडनी निकालने का आरोप लगाया है । संध्या इनवाती ने इस आशय का एक आवेदन भी गत 26 फरवरी 2024 को पुलिस अधीक्षक सिवनी को दिया है जिस पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ललित गरोठ द्वारा जाँच की जा रही है ।
बिना अनुमति के किडनी निकाल लेने जैसी घटना सामने आने पर समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में तेजी से सार्वाजनिक भी हुई और इसे सनसनानी खबर बनाने के रूप में भी पाठको के समक्ष रखा गया और यह मामला भी गंभीर प्रकृति का है । मामला आदिवासी महिला का है इसकी निष्पक्ष जाँच आवेदिका द्वारा की जा रही है तो प्रशासन को पूरी गंभीरता से जाँच करना चाहिये और यह विषय इसलिये भी गंभीर हो जाता है कि आवेदिका न्याय न मिलने की स्थिती में इच्छा मृत्यु की मांग कर रही है ।
होती है।

फेसबुक में विज्ञापन देखकर कर मजदूरी करने गये थे, बंधक बना लिया

संक्षेप में प्रकरण इस प्रकार है कि आवेदिका संध्या इनवाती जो किडनी षडयंत्र पूर्वक निकालने का आरोप लगा रही है वह बरघाट विधानसभा के मगरकठा की निवासी है । यह अपने पति के साथ मजदूरी करने नागपुर गयी हुई थी इसने फेसबुक में एक विज्ञापन देखा जिसमें अधिक मजदूरी मिलने की बात कही गयी थी मजदूर पति राजीव इनवाती ने विज्ञापन में दिये नबंर पर संपर्क किया और पश्चिम बंगाल कलकत्ता के गुराप नामक स्थान के निवासी अब्दुल कलाम जिसने काम देने के बहाने इनवाती परिवार को अपने पास रखा और कुछ दिन के बाद कहने लगा कि उसे उसकी इकलौती बेटी के लिये किडनी की आवश्यकता है । संध्या इनवाती की किडनी दे दो इसके बदले हम दस लाख रूपये देंगे और जीवन भर उपचार कराएगें । संध्या इनवाती ने पुलिस अधीक्षक को दिये आवेदन में उल्लेख किया है कि उसने इसके लिये मना किया तो उन्होंने उसे एवं उसके पति को बंधक बना लिया और किसी कोई संपर्क नहीं करने दिया और किडनी नहीं देने पर जान से मारने की जेल भेजने की धमकी दी तथा मारपीट की । आवेदिका ने उल्लेख किया है कि उसने अपने पति के साथ वहाँ से भागने की कोशिश भी की परंतु उसे नागपुर रेलवे स्टेशन में पकड़ लिया गया ।

कलकत्ता से भागने पर नागपुर में पकड़ लिया गया

आवेदिका ने उल्लेख किया है कि नागपुर में उसे एवं उसके पति को अताउल्ला खान एवं मोहसीन खान नामक व्यक्तियों ने पकड़कर मोमिनपुर नागपुर की शिवराज नामक लाँज में रखा गया जहाँ अब्दुल कलाम नामक व्यक्ति ने कलकत्ता से आकर किडनी निकालने का फार्म भरवाया और रक्षाबंधन पर्व के एक दो दिन पहले सुकतरा निवासी अहमद कुरैशी नामक वकील के साथ बरघाट तहसील में बंधक बनाकर ले गये तथा किसी से मिलने नहीं दिया और जे के प्रिंटर्स के संचालक के साथ मिलकर रात्रि 7-8 बजे तहसील कार्यालय मे हम से कोरे कागज में हस्ताक्षर लिये और फिर वापिस नागपुर ले गये तथा वहाँ से कलकत्ता लेकर चले गये । हमारे द्वारा घर वापिस होने के लिये कई बार कहा गया परंतु हमें धमकी दी जाती रही और किडनी निकलने बाद ही वहाँ से जाने देने की बात कही गयी । इसके बाद हमारी बिना उपस्थिती के एवं बिना जाँच पड़ताल के बरघाट तहसील एवं पुलिस थाने से जे के प्रिंटर्स के संचालक जाहिद खान ने वेरीफिकेशन कराकर अब्दुल कलाम को दिया ।

पुलिस से पकड़वाने की भी दी गयी थी धमकी

आवेदिका ने अपने आवेदन में बताया है कि इसके बाद वह एवं उसका पति भागकर डोंगरगढ़ पहुँच गये थे परंतु उन्हें फोन पर धमकी दी गयी कि यदि वे वापिस नहीं आये तो उन्हें डोंगरगढ़ पुलिस से पकड़वाकर कलकत्ता बुलवा लिया जायेगा । अताउल्ला की इस धमकी से हम डर गये और गुराप वापिस हो गये । यहाँ पहुँचने पर सबीना बेगम एवं अन्य ने संध्या के साथ मारपीट की और कहा कि किडनी नहीं दोगी तो हम तुम्हें जान से मार देंगे ।

कलकत्ता के अपोलो अस्पताल में निकाली गयी थी किडनी

आवेदिका के अनुसार उसे 13 जनवरी को गाड़ी में बिठालकर अपोलो अस्पताल कलकत्ता ले जाया गया जहां उसे तथा उसके पति को एक गेस्ट हाउस में रखा गया । संध्या का कहना है कि उसके मना करने के बावजूद 16 जनवरी को उसकी किडनी निकाली गयी है ।
आवेदिका के अनुसार उसकी किडनी निकालने के लिये जिन्होंने षडयंत्र किया है उनके नामों का उल्लेख आवेदन में करते हुये उन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है तथा कहा कि आरोपियों पर महिला अत्याचार अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जाये ।

किडनी दान के इस मामले में कानूनी प्रक्रिया अपनायी गयी – एस डी ओ पी

वहीं इस मामले की जाँच कर रहे अनुविभागीय पुलिस अधिकारी ललित गरोठ का कहना है कि इस प्रकरण की जाँच चल रही है । जिसमें अभी तक जो तथ्य सामने आये है वह किडनी सहमति से निकालने की ओर इंगित करते है । किडनी दान करने की प्रक्रिया से संबंधित औपचारिकताएँ विधि के अनुसार होना पाया गया है । आवेदिका के आवेदन पर पुलिस अधीक्षक भी गंभीर है और जाँच के तथ्यों की जानकारी निरंतर मुझे से प्राप्त कर रहे है । आवेदिका ने किडनी देने के एवज में साढ़े छ: लाख रूपये की राशि अपने निजी खातें में प्राप्त की है । जाँच पूरी सूक्ष्मता से की जा रही है । इस मामले में कोई दोषी पाया जायेगा तो कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।

आदिवासी महिला को गुमराह कर निकाली गयी है किडनी सीबीआई जाँच की मांग

वहीं आदिवासी महिला की किडनी निकाले जाने से आई ए एस पूर्व कलेक्टर एवं भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डां. श्याम सिंह कुमरे ने मामले को गंभीरता से लिया और कहा है कि आदिवासी महिला को गुमराह और प्रलोभन देकर उसकी किडनी निकाली गयी है उसके आवेदन पर पुलिस को संबंधितो के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करना था और आरोपियों को गिरफ्तार करना था । डां. कुमरे ने कहा है वह इस मामले पर सीबीआई से जाँच की मांग करेंगे और आदिवासी महिला की किडनी निकालने जैसे गंभीर मामले पर चुप नहीं बैठेंगे ।

इसी प्रकार बरघाट विधायक कमल मर्सकोले से चर्चा की गयी तो उन्होंने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में है परंतु चुनावी व्यस्ताओं के कारण पीडि़ता से नहीं मिल पाया हूँ । इस पूरे प्रकरण पर निष्पक्ष जाँच करायी जायेगी ।

 

Dainikyashonnati

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