सिवनी सेवा सहकारी समितियां - 30 नवगठित सेवा सहकारी समितियां अब तक बंद, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
Seoni, 02 July 2026सिवनी यशो:- जिले में गठित 30 नवगठित सेवा सहकारी समितियों का अब तक संचालन शुरू नहीं होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं नवीन बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (बी-पैक्स) सालीवाड़ा के अध्यक्ष अब्दुल शफीक खान (शफीक पटेल) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन प्रेषित कर समितियों में शीघ्र व्यवसाय प्रारंभ कराने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।ज्ञापन में बताया गया है कि शासन के निर्णय के अनुसार जिला सिवनी में 30 नई सेवा सहकारी समितियों का पुनर्गठन किया गया था। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, सिवनी द्वारा 1 जनवरी 2026 को संबंधित शाखा प्रबंधकों एवं समिति प्रबंधकों को इन समितियों में व्यवसाय प्रारंभ कराने के निर्देश भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद अधिकांश समितियां आज तक पूरी तरह संचालित नहीं हो सकी हैं।यह भी पढ़े :-सिवनी आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत, किसान मोर्चा ने भगवान बलराम की प्रतिमा एवं हल भेंट कर किया सम्मानज्ञापन के अनुसार समितियों में कार्यालय भवन, फर्नीचर, कंप्यूटर, अभिलेख, आवश्यक स्टाफ तथा अन्य मूलभूत संसाधनों की कमी के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने से समितियां अपने निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं।यह भी पढ़े :-धान किसानों को भावांतर योजना का तोहफा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से की बड़ी घोषणा, 494 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातअब्दुल शफीक खान ने कहा है कि समितियों के संचालन में देरी का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। किसानों और सहकारी समिति के सदस्यों को समय पर खाद, बीज, कृषि ऋण, शासकीय योजनाओं तथा अन्य सहकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।यह भी पढ़े :-सिवनी जिला शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, जिला परियोजना समन्वयक सहित सहायक संचालक बदलेज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि जिले की सभी 30 नवगठित सेवा सहकारी समितियों में शीघ्र व्यवसाय प्रारंभ कराया जाए, कार्यालय भवन, कंप्यूटर, फर्नीचर, आवश्यक स्टाफ सहित सभी मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर समितियों को पूर्ण रूप से संचालित करने के निर्देश दिए जाएं।यह भी पढ़े :-सेफ क्लिक 2.0′ अभियान के छठे दिन स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों तक पहुंची सिवनी पुलिस, 4900 लोगों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूकज्ञापन में आशा व्यक्त की गई है कि किसान हित में शीघ्र निर्णय लेकर समितियों को क्रियाशील बनाया जाएगा, जिससे किसानों और सहकारी सदस्यों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का समय पर लाभ मिल सके।https://ecooperatives.mp.gov.in/(S(pt0zfmfcql0evpqv3fcdu1nm))/default1.aspx