मेघनाथ मेला (Meghnath Mela) में 20 फीट ऊंचे मेघनाथ पर झूलकर पूरी हुई मनोकामना
गांव के मुख्य मार्ग पर करीब 20 फीट ऊंचे मेघनाथ की स्थापना की गई। स्थानीय परंपरा के अनुसार मेघनाथ शक्ति, साहस और वीरता का प्रतीक है। मेले के दौरान श्रद्धालु और युवा मेघनाथ पर झूलकर परंपरा का निर्वहन करते हैं। मान्यता है कि इस दिन मेघनाथ पर झूलने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और गांव में सुख-समृद्धि बनी रहती है।Meghnath Mela धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
Meghnath Mela केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है। मेले में आस्था, उत्साह और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। यह भी पढ़े :- हिक्कड़े बिर्रे कह कर 60 फुट ऊंचे खंबे पर लटककर झूलते हैं वीर उत्सव और मनोरंजन मेले में ढोल-नगाड़ों की गूंज, जयकारों और श्रद्धालुओं की भीड़ से वातावरण भक्तिमय रहा। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में पहुंचे। ग्रामीणों ने खान-पान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और बच्चों के झूले जैसे मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए। [caption id="attachment_42452" align="alignnone" width="300"]
Meghnath Mela in Devari Kalan: धूरेडी पर पारंपरिक मेला और आस्था का संगम[/caption]
आने वाली पीढ़ियों तक मेघनाथ मेला को जीवित रखने का संकल्प
ग्रामीणों ने मिलकर मेले के सफल आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई और आने वाली पीढ़ियों तक इस परंपरा को जीवित रखने का संकल्प लिया।
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