मध्यप्रदेशधर्मसिवनी

भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा और सेवा के सिद्धांतों पर प्रवाहमान महावीर इंटरनेशनल

संस्था का मूल मंत्र — “सेवा ही धर्म है”

सिवनी यशो:- भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा और सेवा के अमर सिद्धांतों से प्रेरित होकर सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय महावीर इंटरनेशनल संस्था की एक विशेष बैठक विगत सायंकाल श्री जैन श्वेतांबर धर्मशाला में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई।

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महावीर इंटरनेशनल की विशेष बैठक में भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करते पदाधिकारी एवं अतिथि

बैठक का शुभारंभ मंगलाचरण के रूप में महामंत्र णमोकार के सामूहिक पाठ से हुआ। इसके पश्चात आगंतुक अतिथियों एवं संस्था के पदाधिकारियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर सभा का विधिवत शुभारंभ किया गया।

आगंतुक अतिथियों का शाश्वत अभिनंदन

इस अवसर पर संस्था के विशिष्ट अतिथियों वीर दिलीप भंडारी (चंद्रपुर), वीर सोहन वैद्य (बालाघाट), वीर तरुण सुराना (बारासिवनी), वीर राकेश सचान, वीर विशाल राउत (लांजी) एवं वीर विनय सुराना का शाल एवं सम्मान-पत्र भेंट कर शाश्वत अभिनंदन किया गया।

“सेवा के माध्यम से समाज परिवर्तन हमारा लक्ष्य” — वीर संजय मालू

भूमिका संबोधन में संस्था के अध्यक्ष एवं जोन सचिव वीर संजय मालू ने कहा कि महावीर इंटरनेशनल एक राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक सेवा संस्था है, जो विगत पाँच दशकों से अधिक समय से मानव सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सिवनी नगर में संस्था की आधारशिला रखी गई, जिसके बाद से निरंतर सेवा गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान

संस्था के अंतरराष्ट्रीय महासचिव वीर सोहन वैद्य ने बताया कि महावीर इंटरनेशनल द्वारा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग को स्वावलंबन की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

  • महिला सशक्तिकरण : सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर प्रशिक्षण द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा।
  • स्वास्थ्य सेवा : निःशुल्क चिकित्सा शिविर, रक्तदान एवं नेत्र परीक्षण शिविर।
  • दिव्यांग सहायता : कृत्रिम अंग प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास।
  • शिक्षा : निर्धन बच्चों को स्टेशनरी, यूनिफॉर्म एवं छात्रवृत्ति सहायता।

“सेवा ही धर्म है” को व्यवहार में उतारती संस्था

संस्था के महासचिव वीर संतोष जैन ने बताया कि बाढ़,

अकाल एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय संस्था

द्वारा राहत सामग्री, अनाज, वस्त्र एवं स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा कि संस्था का मूल मंत्र “सेवा ही धर्म है” केवल नारा नहीं, बल्कि जीवन मूल्य है।

सभा का संदेश

सभा का कुशल मंच संचालन करते हुए पारस जैन ने कहा कि अच्छे कार्यों की अनुमोदना कर संस्था से जुड़ना समाज को सशक्त बनाता है।

अंत में राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन किया गया।

प्रमुख रूप से उपस्थित

सुदर्शन बाझल, पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश प्रवीण शाह, डॉ. प्रवीण दिवाकर, नीलेश जैन,

सुनील नाहर, प्रेम भूरा, सेठ आनंद जैन,

प्रशांत जैन, राजू जैन, संजू जैन,

डॉ. मधुरेंद्र चौधरी, अंकित मालू, प्रफुल्ल जैन बंटी, विपुल जैन,

आलोक जैन, डॉ. अपूर्व जैन, चंदन जैन, सुशील कौशल शालू, नवीन जैन, नरेश सेवलानी,

सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

http://www.mahavir.international/mipmess.aspx

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