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11 बच्चों की जिंदगी को रोशन किया, मंडला जिला चिकित्सालय ने

जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों का सफल आरेशन किया डां. तरूण अहरवाल

Mandla 21 May 2025
मंडला यशो:- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत मंडला जिला चिकित्सालय में आयोजित विशेष सर्जरी शिविर में 11 बच्चों के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया गया । सभी बच्चे 8 साल से कम उम्र के थे. इसमें से कुछ जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त थे । इन बच्चों को दुनिया देखने की ताकत देने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डां. तरूण अहरवाल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की जा रही है । यह शिविर मंडला जिला चिकित्सालय के लिये एक मिसाल बन गया है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. सरोते ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय में जन्मजात मोतियाबिंद की सर्जरी हेतु 19 मई को शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में कुल 11 बच्चों को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया था। उनका ऑपरेशन डॉक्टर तरुण अहिरवार नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा किया गया । जिसमें डॉ. विजय सिंह धुर्वे सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय, डॉक्टर तरुण अहिरवार नेत्र रोग विशेषज्ञ, अजय सैयाम उप प्रबंधक, अर्जुन सिंह आरबीएसके प्रबंधक, संजय भोयर, आरबीएसके डॉक्टर एवं आरबीएसके एएनएम के साथ आई ओपीडी/ओटी के स्टॉफ उपस्थित रहे।आरेशन के पश्चात सभी बच्चों को कुशल चिकित्सको की निगरानी में रखा गया अब इन बच्चों का नियमित चेकअप नजदीकी चिकित्सा केन्द्रों में हो किया जा सकता है । सफलता पूर्वक आँखों की सर्जरी करने वाले डॉ. अहरवाल ने बताया कि अब उन्हें बेहतर दृष्टि मिलने की पूरी संभावना है. उन्होंने कहा कि “समय पर इलाज बच्चों की दृष्टि को बचाने में निर्णायक होता है और इस प्रकार की पहल बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहद जरूरी है । डॉ. अहरवाल ने बताया कि “मोतियाबिंद किसी भी उम्र में हो सकता है. हालांकि बच्चों में ये दुर्लभ है, लेकिन उन्हें भी हो जाता है. ऑपरेशन किए गए बच्चों में एक को डायबिटीज के कारण मोतियाबिंद हुआ था, जबकि एक को चोट लगने के कारण बाकी को जन्मजात ये बीमारी थी ।

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