सिवनी

जंगल सत्याग्रह के शहीदों की स्मृति में टुरिया में आयोजित हुआ शहीद मेला

आदिवासी वीरांगनाओं और वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

Seoni 09 October 2025
सिवनी यशो -: 09 अक्टूबर 1930 को हुए जंगल सत्याग्रह में अपने प्राणों की आहुति देने वाले आदिवासी शहीदों — श्रीमती रेनों बाई, श्रीमती मुड्डे बाई, श्रीमती देभो बाई और बिरजू भोई — की स्मृति में गुरुवार को कुरई विकासखंड के ग्राम टुरिया में शहीद मेले का आयोजन किया गया।
यह आयोजन मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रतिवर्ष इसी तिथि को किया जाता है ताकि इन वीरों के बलिदान को नमन किया जा सके।

🌺 शहीद स्मारक पर अर्पित किए गए श्रद्धासुमन

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों और अधिकारियों द्वारा शहीद स्मारक पर दीप प्रज्ज्वलन और श्रद्धासुमन अर्पित करने से हुई।
इसके पश्चात शहीदों के परिजनों तथा मांझी सेना के सदस्यों को साल, श्रीफल और पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक बरघाट श्री कमल मर्सकोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, जिला भाजपा अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, जनपद अध्यक्ष कुरई श्री लोचन सिंह मर्सकोले, जनपद उपाध्यक्ष श्री हरदीप सिंह भाटिया, एवं अपर कलेक्टर सुश्री सुनीता खंडायत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

🕯️ “शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा” — सांसद भारती पारधी

सांसद श्रीमती भारती पारधी ने अपने संबोधन में कहा कि जंगल सत्याग्रह के दौरान शहीदों ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा, “हमें उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखना चाहिए और आदिवासी समाज के गौरव को आगे बढ़ाना चाहिए।”

🌿 “यह केवल इतिहास नहीं, समाज के लिए मार्गदर्शन है” — विधायक कमल मर्सकोले

विधायक श्री कमल मर्सकोले ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल अतीत का अध्याय नहीं, बल्कि आज के समाज के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और शहीद स्मृतियों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

👏 ग्रामीणों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उपस्थित जनसमुदाय ने शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
ग्राम टुरिया में आयोजित यह शहीद मेला न केवल इतिहास का स्मरण बना, बल्कि एकता, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी लेकर आया।

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