दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म, बैंक धोखाधड़ी मामले में 3 साल की सजा के बाद सीट रिक्त
दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले से बढ़ी सियासी हलचल, अब हाईकोर्ट से राहत पर टिकी नजर
दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले से बढ़ी सियासी हलचल, अब हाईकोर्ट से राहत पर टिकी नजर
दतिया/भोपाल | 3 अप्रैल 2026
भोपाल:- दतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने का मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों ही स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
नई दिल्ली स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा बैंक धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर के एक पुराने मामले में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट रिक्त घोषित कर दी है।
सजा के साथ ही खत्म हुई सदस्यता
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत विधायक स्वतः अयोग्य हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश के मुताबिक, सजा के साथ ही सदस्यता समाप्त मानी जाती है।
हालांकि अदालत ने अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है, लेकिन केवल अपील करना सदस्यता बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। अब उनका राजनीतिक भविष्य हाईकोर्ट से मिलने वाली राहत पर निर्भर करेगा।
एफडी घोटाले में दोषसिद्धि
- 10.50 लाख रुपये की एफडी (माता के नाम)
- अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष
- दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप सिद्ध
बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह की शिकायत के बाद जांच में गड़बड़ी सामने आई। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से दिल्ली ट्रांसफर हुआ था मामला
यह मामला पहले ग्वालियर में चल रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे दिल्ली स्थानांतरित किया गया, जहां से अंतिम फैसला आया।
दतिया की राजनीति में हलचल
राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर जीत दर्ज की थी। अब सदस्यता समाप्त होने के बाद क्षेत्र में उपचुनाव की संभावना और सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।
आगे क्या?
- हाईकोर्ट से दोषसिद्धि पर स्टे मिलने पर सदस्यता बहाल संभव
- स्टे नहीं मिलने पर उपचुनाव तय
- मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है
(यह समाचार न्यायालय के निर्णय एवं उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है।)



