WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
धर्ममध्यप्रदेशसिवनी

भक्ति के साथ जनजागरूकता का संदेश, 100 सप्ताह की भव्य तैयारियाँ प्रारंभ

माँ ज्वालादेवी मंदिर में 96 वें सप्ताह भी हुआ सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ

 Seoni 06 July 2025

सिवनी यशो:- भैरोगंज-परतापुर रोड स्थित माँ आदिशक्ति ज्वालादेवी सिद्ध पीठ अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, अपितु सिवनी जिले की आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सरोकार और सेवा भावना का केंद्र बन गया है। बीते 96 सप्ताहों से लगातार प्रत्येक शनिवार को यहां श्रद्धालुओं द्वारा सस्वर सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ आयोजित किया जा रहा है।

माँ ज्वालादेवी मंदिर में 96 वें सप्ताह भी हुआ सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ

यहाँ केवल सुंदरकांड का पाठ और हनुमान चालीसा ही नहीं होता यह धार्मिक आयोजन के साथ समाज में समय के अनुसार जागरूकता और तत्कालिक परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करने की प्रेरणा देने वाला केन्द्र बन चुका है । यहाँ समाज के बीच की समस्याओं पर चिंतन और सामूहिक प्रयासों से निराकरण पर विचार भी किया जाता है ।

इस सप्ताह श्रद्धालुओं ने समाज से अपील की है कि वर्षाकाल प्रारंभ हो चुका है यह समय विशेष सर्तकता वाला होता है । सात्विक और हल्का भोजन करें, बासे खाद्य पदार्थो का उपयोग न करें । आस पास पानी का जमाव न होने दें, घरों के कूलर, मटको,टायरो आदि में जमा पानी को फेंक दें । नदी नालों में बाढ़ की स्थिती में उन्हें पार न करें । वर्षा में बहुत अधिक भीगें नहीं ।

 भक्ति के साथ सामाजिक संवाद

ंदिर समिति द्वारा आगामी सप्ताहों में विशेष आयोजनों, भजन संध्या, समसामयिक विषयों पर संवाद और महाभंडारे की श्रृंखला तैयार की जा रही है। समिति के सदस्य शुभम राजपूत ने बताया कि इस आयोजन में अब न केवल सिवनी, बल्कि पड़ोसी जिलों और राज्यों के श्रद्धालु भी सम्मिलित हो रहे हैं। युवाओं की भागीदारी इसे नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।

96वें सप्ताह में यजमान यजमान ईश्वर दयाल रजक सिवनी रहे उन्होंनेे माँ ज्वालादेवी के दरबार में पूजन कर महाभोग अर्पित किया, श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। हनुमानजी की उपासना के माध्यम से युवा पीढ़ी में आध्यात्मिक झुकाव बढ़ा है, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। इस आयोजन में महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, विद्यार्थी और ग्रामीणजन सभी वर्गों की सहभागिता उल्लेखनीय है।

 

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!