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जन्माष्टमी पर CM डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात: पात्र बंदियों की सजा होगी एक माह कम

महिला बंदियों के लिए भी खुलेगी खुली जेल, भोपाल सेंट्रल जेल में जल्द शुरू होगा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र; साहसिक कार्य करने वाले 6 जेलकर्मी सम्मानित

CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा: पात्र बंदियों की सजा में 1 माह की छूट

भोपाल यशो :- भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदियों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्रतानुसार बंदियों की सजा में एक माह की छूट दी जाएगी। साथ ही प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाने और महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। भोपाल की केंद्रीय जेल में बंदियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य केंद्र भी शीघ्र शुरू किया जाएगा।

जन्माष्टमी पर केंद्रीय जेल भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
केंद्रीय जेल भोपाल में जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान बंदियों को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को केंद्रीय जेल भोपाल में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में बंदियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटिका का मंचन किया गया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने कलाकार बंदियों की प्रतिभा की सराहना की।

सजा में एक माह की छूट, पात्रता के आधार पर मिलेगा लाभ

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंदियों को सौगात देते हुए कहा कि पात्रतानुसार बंदियों की सजा में एक माह की छूट प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को जेलों में बंदियों के आचरण, सुधार और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि बंदियों को सुधारकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का माध्यम भी होना चाहिए। इसी सोच के अनुरूप जेलों में योग, ध्यान, कौशल विकास, प्रशिक्षण और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जन्माष्टमी पर केंद्रीय जेल भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
केंद्रीय जेल भोपाल में जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान बंदियों को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

अब महिलाओं के लिए भी होगी खुली जेल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरुष बंदियों के लिए खुली जेल का प्रावधान है, लेकिन अब भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला बंदियों के लिए जल्द से जल्द आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। खुली जेल की अवधारणा बंदियों को जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ समाज के निकट रहकर सुधार की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

केंद्रीय जेल में बनेगा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसी दिशा में भोपाल की केंद्रीय जेल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

जेल महानिदेशक श्री वरुण कपूर ने बताया कि बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र सुधार के लिए जेल विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। जेलों में योग, ध्यान, रचनात्मक गतिविधियों और अन्य सकारात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

श्रीकृष्ण की लीलाओं ने बांधा समां

जन्माष्टमी महोत्सव में जेल के बंदियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संघर्ष, धर्म और कर्म के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

बंदियों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नाटिका की सराहना करते हुए बंदियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण किए बालकों को स्नेह किया। उन्होंने गौमाताओं को गुड़-रोटी भी खिलाई। पूरे परिसर में जन्माष्टमी के उल्लास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण नजर आया।

6 जेलकर्मी साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जेल विभाग के 6 अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न साहसिक एवं सराहनीय कार्यों के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विपरीत परिस्थितियों में कर्तव्य का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों का सम्मान अन्य कर्मियों के लिए भी प्रेरणा का काम करता है।

नए बैरक, नए कानून और कौशल प्रशिक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेल विभाग में विभिन्न पदों पर की गई पदोन्नतियों तथा प्रदेश की जेलों में बंदियों के लिए सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जेलों में नए बैरकों का निर्माण, नए जेल कानून का क्रियान्वयन, बंदियों को विभिन्न शिल्पों का प्रशिक्षण, आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने तथा योग एवं ध्यान जैसी गतिविधियों के संचालन की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए पदों के सृजन और पदोन्नतियों से जेल विभाग के कामकाज को और अधिक सुचारू एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जेल सुधार की प्रक्रिया का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होना चाहिए। कौशल प्रशिक्षण और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जेल महानिदेशक श्री वरुण कपूर ने जेल विभाग की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की जेलों में योग, पार्थिव शिवलिंग निर्माण और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। जेल कर्मचारियों के लिए नए स्टाफ क्वार्टर भी बनाए जा रहे हैं।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, जेल विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता, जेल महानिदेशक वरुण कपूर सहित जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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