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शासकीय अस्पताल में 45 से अधिक स्वास्थ जांच हो रही है मुफ्त

जानकारी के अभाव में लोग लगा रहे प्राइवेट लैब का चक्कर

छपारा यशो:- महानगरों की तर्ज में नगर के प्राइवेट से लेकर एमबीबीएस डॉक्टर तक खून और पेशाब की जांच के लिए टेस्ट लिख रहे हैं, यह आज कल आवश्यक न होते हुये भी पीडितो से धन लूटने का माध्यम बन गया है ।
खून की जांच के लिए नियमबद्ध तरीके से अधिकृत डॉक्टर भी वैसे होने चाहिए ना की कोई भी प्राइवेट क्लीनिक के डॉक्टर इस तरह की जांच करवाने के विशेषज्ञ है कि नहीं यह भी लोगों को देखना चाहिए।
किंतु इस तरह के टेस्ट प्राइवेट क्लिनिको में किए जाते हैं जिन पर डॉक्टरों की साथ गांठ और कमीशन खोरी के आरोप लगते रहते हैं. बताया जाता है कि मरीज को टेस्ट करवाने में पांच सौ से एक हजार तक का विभिन्न प्रकार के टेस्ट करने में खर्च आ जाता है।
वही इस विषय में जब शासकीय अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर टी.एस.इनवाती से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा में 45 प्रकार की विभिन्न टेस्ट मुफ्त में किया जा रहे हैं जिसमें शुगर,थायराइड,मलेरिया,टाइफाइड, एचआईवी, एचवीएफसी टेस्ट हैं जो 45 प्रकार की जांच जिनके भीतर सैकड़ो इन 45 प्रकार की जांचों के भीतर हो जाती हैं जानकारी के मुताबिक 11 जांच कार्ड के द्वारा की जाती हैं 34 टेस्ट बायोकेमेस्ट्री के तहत जांच की जा रही, इन 45 टेस्टों के भीतर 206 जांच इन टेस्ट रिपोर्ट में की जाती हैं और प्राइवेट लैब से बेहतर सुविधा और विश्वशनीयता के साथ रिपोर्ट आती हैं जोकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छ्पारा में ही उपलब्ध है।
इसी वजह से जनहित में नगर के जागरूक नागरिकों से लेकर गणमान्य नागरिकों ने आमजन से अपील की है कि प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का चक्कर काटना छोड़कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के साथ टेस्ट भी किया जा रहे हैं.सरकार की ओर से यह सुविधा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बढ़ा दी गई है किंतु लोगों को जानकारी के अभाव के चलते लोग प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में अनावश्यक लूट रहे हैं, इतना ही नहीं जिन झोलाछाप डॉक्टरों को विभिन्न प्रकार का टेस्ट लिखने का अधिकार ही नहीं है वह भी टेस्ट लिख रहे हैं और प्राइवेट लैब संचालकों के साथ इनकी साठगांठ के चलते प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का कारोबार जमकर फल फूल रहा है डॉक्टर और प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक जमकर चांदी कूट रहे हैं जागरूकता के अभाव में लोगों को प्राइवेट स्थान पर पहुंचकर टेस्ट करना पड़ रहा है यदि लोगों को यह मालूम चल जाए कि सरकारी अस्पताल में यही टेस्ट मुफ्त में हो रहे हैं तो जनता लूटने से बच जाएगी।

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