क्राइममध्यप्रदेशव्यापारसिवनी

भू – माफियाओं की उंगली पर नाच रहे, बंडोल के नायब तहसीलदार

अविवाहित मृतक की दौलत के लिये एक युवती को बना दिया पत्नि

पैसा फेंक तमाशा देख की तर्ज पर सिवनी का राजस्व अमला
कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुये नायब तहसीदार सिवनी में दिखा रहे करतब

सिवनी यशो:- सिवनी जिले का राजस्व अमला भ्रष्टाचार और मनमानी के लिये व्यापक चर्चाओं में है और राजस्व अमले की मनमानी के कारण न्यायालयीन प्रकरण अनावश्यक रूप से बढ़ रहे है जिससे न्यायालय में अनावश्यक काम का बोझ बढ़ रहा है, साथ ही साथ आमजनों को अत्याधिक प्रताडि़त होना पड़ रहा है । ऐसा ही एक मामला दैनिक यशोन्नति के संज्ञान में आया है ।
मुंगवानी खुर्द पटवारी हल्का नंबर 17 रा.नि.मा. बंडोल तहसील व जिला सिवनी में स्थित भूमि खसरा नं. 427/1/2 रकबा 0.60 हेक्टयर भूमि स्वर्गीय इंदर सिंह बघेल वल्द बखत सिंह बघेल के नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदर सिंह की मृत्यु उसके अविवाहित रहते हुये दिनाँक 03 अक्टूब 2022 को हुई थी । इंदर सिंह की मृत्यु के पश्चात अचानक एक रूपाली बघेल नामक युवती ने स्वयं को इंदर सिंह की पत्नि बताकर नायब तहसीलदार बंडोल वृत के न्यायालय में नामांतरण हेतु आवेदन दिया जिस पर इंदर सिंह के पिता बखतसिंह भाई कालीचरण बहिन माया ने इंदर सिंह को अविवाहित बताते हुये आपत्ति दर्ज करायी साथ ही साथ उन्होंने न्यायालय को इस बात से भी अवगत कराया कि उक्त भूमि स्वत्व के संबंध में सिविल न्यायालय में वाद चल रहा है । इन आपत्तियों को सामने आने पर नायब तहसीलदार बंडोल वृत के अनुसार अपने राजस्व प्रकरण क्रमांक 0214 / अ 6 – 2023 – 24 आदेश दिनांक 28 जून 2023 को अपने आदेश में यह लिखकर उक्त प्रकरण को समाप्त कर दिया कि प्रकरण में स्वत्व संबंधी विवाद होने से प्रकरण इसी स्तर पर समाप्त किया जाता है । यह आदेश तत्कालीन नायब तहसीलदार रविन्द्र पारधी के द्वारा पारित किया गया था ।

इस आदेश की नियमानुसार अपीलय राजस्व न्यायालय में आहत पक्ष के द्वारा अपील की जाना चाहिये थी परंतु ऐसा न किया जाकर पुन: उसी न्यायालय में नायब तहसीलदार बंडोल वृत में रविन्द्र पारधी के स्थान पर पदस्थ हुये नायब तहसीलदार ललित ग्वालवंशी ने निरस्त प्रकरण की पुन: सुनवाई कर रूपाली बघेल को मृतक इंदरसिंह की पत्नि मानकर मृतक इंदरसिंह के स्थान पर रूपाली बघेल का नाम राजस्व अभिालेखों में दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया, जो कि कानून में बताये गये प्रावधानों का खुला उलंघन है । जबकि इस मामले में पटवारी ने भी अपने प्रतिवेदन में दिनांक 28 जून 2023 के आदेश एवं सिविल केस के लंबित होने का उल्लेख किया था, बावजूद उसके नायब तहसीलदार बंडोल वृत के द्वारा किस प्रलोभन में आकर रूपाली बघेल को उपकृत किया गया यह जाँच का विषय है ।

बखत सिंह बघेल बगैरा विरूद्ध रूपाली बघेल के मामले में बंडोल वृत के नायब तहसीलदार ने जो व्यक्तिगत रूचि दिखाई है उसके संबंध में चर्चा तो यह भी है कि इस मामले में उन्होंने उक्त जमीन का बड़ा हिस्सा सौदा के रूप में निर्धारित किया था । जानकारी के अनुसार नामांतरण प्रकरण में 15 दिन का समय तो इस्तेहार का होता है, उसके पश्चात पटवारी का प्रतिवेदन लिया जाता है इसके पश्चात साक्ष्य लिया जाकर तहसीलदार यदि उचित समझते है तो नामांतरणा का आदेश पारित करते है और यदि कोई आपत्ति आती है तो उसका निराकरण किया जाता है । उसके पश्चात तहसीदार के आदेशानुसार पटवारी राजस्व अभिलेख दुरूस्त करता है परंतुू इस मामले में सारी प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर राजस्व की कार्यवाही की गयी है और उसके पश्चात जमीन का दो बार विक्रय हो चुका है । जिसमें नामांतरण भी खटाखट खटाखट कर दिया गया । यह जो कार्यवाही इतनी तेजी से हुई उसकी हकीकत यह है कि इस मामले में एक भू माफिया की सक्रिय भूमिका है और इससे नायब तहसीलादार ग्वालवंशी के प्रगाढ़, स्वार्थपूर्ण संबंध किसी से छिपे नहीं है ।

अब पूरा का पूरा मामला अनुविभागीय अधिकारी सिवनी सुश्री मेघा शर्मा के न्यायालय में है जिनके समक्ष न्याय की आशा से बखतसिंह एवं उनके परिवार ने कानून के प्रावधानों के अनुसार अपील प्रस्तुत कर नायब तहसीलदार बंडोल वृत के द्वारा पारित आदेश आदेश दिनांक 16 फरवरी 2024 के आदेश जिसमें रूपाली बघेल का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया था को निरस्त कर राजस्व अभिलेखों को पूर्व की भांति उनके मृतक पुत्र इंदर सिंह के नाम पर दर्ज की जाने की याचना की है । प्रकरण के संबंध दैनिक यशोन्नति ने अनुविभागीय अधिकारी के मोबाईल पर काल किया था परंतु उन्होने काल रिसीव नहीं किया उनके कार्यालय को सूचित भी किया गया था कि इस संबंध चर्चा करना है परंतु अनुविभागीय अधिकारी से इस संबंध में कोई चर्चा नहीं हो सकी ।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!