“परिक्रमा केवल यात्रा नहीं, यह आत्मशुद्धि का तप है” – कपिल पांडे
Seoni 19 June 2025
सिवनी यशो:- सायकिल से नर्मदा परिक्रमा पर निकले युवा यात्री कपिल पांडे ने इस पवित्र और कठिन यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह परिक्रमा एक आध्यात्मिक साधना है — न कि केवल एक रोमांचकारी यात्रा। उनका मानना है कि परिक्रमा में जाने से पहले तन, मन और आत्मा — तीनों की तैयारी आवश्यक होती है।
संकल्प: यात्रा की पहली सीढ़ी
कपिल कहते हैं, “सबसे पहला कदम है – संकल्प। वह भी पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ। नर्मदा माँ से अनुमति और आशीर्वाद लेकर ही यात्रा शुरू करें, तभी यह सार्थक होती है।“
शारीरिक तैयारी: सहनशक्ति और धैर्य का अभ्यास
नर्मदा परिक्रमा में शारीरिक थकावट, बदलते मौसम और अनिश्चित मार्ग से जूझना पड़ता है।
कपिल का सुझाव है:
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प्रतिदिन 5-10 किमी पैदल चलने का अभ्यास करें।
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शरीर को सहनशील और लचीला बनाएं।
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“गर्मी, बारिश, ठंड, ऊबड़-खाबड़ रास्तों से जूझना होता है, इसलिए शरीर को तैयार रखना अनिवार्य है।“
यात्रा सामग्री: आवश्यक वस्तुओं की सूची
एक हल्का लेकिन मजबूत बैग लेकर चलें, जिसमें निम्न सामग्री अवश्य रखें:
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कपड़े: 2 जोड़ी धोने-सुखाने में आसान
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अंगोछा, रेनकोट/प्लास्टिक कवर, गरम जैकेट
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योगा मेट, स्लीपिंग बैग
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हल्के जूते, चप्पल, मोजे, बैंडेज, मरहम, फर्स्ट एड
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पूजन सामग्री: जपमाला, तिलक, आरती पुस्तक, धूप-बत्ती, पूजा थाली
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माँ नर्मदा का चित्र, डायरी, टॉर्च, पावर बैंक
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पानी की बोतल, एक दंड (छड़ी)
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पहचान पत्र, नकद राशि, डिजिटल भुगतान की सुविधा
परिक्रमा का समय और नियोजन
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उत्तम समय: अक्टूबर से मार्च
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यात्रा की शुभ शुरुआत: देव उठनी एकादशी से
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समापन: देव सोनी एकादशी
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चातुर्मास के चार महीनों में परिक्रमा स्थगित रखें
संयम, साधना और सेवा भाव
“यह केवल बाहरी यात्रा नहीं है, यह आत्मिक साधना है। व्रत, ब्रह्मचर्य, सत्संग, जप और ध्यान — ये सब परिक्रमा को पवित्र बनाते हैं।“
— कपिल पांडे
वे सभी यात्रियों से आग्रह करते हैं कि
नर्मदा नदी की पवित्रता बनाए रखें, उसमें कूड़ा न डालें, और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहें।
अगले अंक में पढ़ें
➡️ “कहाँ से शुरू हुई कपिल की परिक्रमा? किस प्रेरणा ने जगाया संकल्प? किस स्थान से उठी आस्था की यह लहर?”
📖 जानिए तीसरे भाग में – “नर्मदा सायकिल – ऑन : परिक्रमा के पदचिन्हों पर…”



