पदोन्नति में आरक्षण पर ऐतिहासिक जीत: न्याय की राह पर कर्मठ संघर्ष का प्रतिफल
संयुक्त मोर्चा एवं अजाक्स ने दी प्रदेशभर के कर्मचारियों को बधाई
Chhindwara 19 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:-मध्यप्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर वर्षों से चल रही संवैधानिक और प्रशासनिक लड़ाई ने आखिरकार न्याय की मंज़िल पा ली है। सुप्रीम कोर्ट में लंबी कानूनी प्रक्रिया और निरंतर जन-जागरण के बाद यह ऐतिहासिक विजय प्राप्त हुई है, जिसे प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी “गौरवपूर्ण क्षण” के रूप में मना रहे हैं।
छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष, मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा एवं अजाक्स जिला महासचिव सतीश गोंडाने ने इस निर्णय को कर्मचारियों के संयुक्त और सशक्त आंदोलन का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत न केवल अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए बल्कि सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।
संघर्ष की कथा:
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (छ्वछ्व्र्यस्) द्वारा वर्षों से विधिक लड़ाई, जागरूकता अभियान, ज्ञापन सौंपना, धरना-प्रदर्शन एवं शासन से संवाद जैसे हर स्तर पर संघर्ष किया गया। यह जीत इस सतत प्रयास का साक्षात प्रमाण है।
मुख्यमंत्री को धन्यवाद:
संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संवेदनशील और न्यायोचित नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया है। यह निर्णय उनके दृढ़ संकल्प और न्यायप्रिय दृष्टिकोण का प्रतिफल है।
अग्रणी नेतृत्व की भूमिका:
इस निर्णय में अजाक्स प्रांतीय अध्यक्ष जे.एन. कंसोटिया, महासचिव एस.एल. सूर्यवंशी, राज्य कर्मचारी संघ प्रदेश अध्यक्ष एम.पी. द्विवेदी एवं महामंत्री जितेन सिंह के साथ ही संभाग, जिला एवं तहसील स्तर पर कार्यरत हजारों कर्मठ पदाधिकारियों का योगदान उल्लेखनीय रहा है।



