राजस्व न्यायालयों में नई व्यवस्था लागू
न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों के लिए अधिकारी पृथक-पृथक
Seoni 21 July 2025
सिवनी यशो:-जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू कर दी है। शासन के निर्देशानुसार न्यायालयीन एवं गैर-न्यायालयीन कार्यों के लिए अब पृथक-पृथक राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।
कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने आदेश जारी करते हुए सोमवार 21 जुलाई से जिले के सभी 20 राजस्व न्यायालयों में पूर्णकालिक पीठासीन अधिकारियों को न्यायिक कार्यों के निष्पादन हेतु पदस्थ किया है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत न्यायिक कार्य दिवस सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक न्यायालयीन कार्य होंगे। इन अधिकारियों को अब केवल राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि के निराकरण की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्हें किसी प्रकार के प्रोटोकॉल, कानून-व्यवस्था या अन्य प्रशासनिक कार्यों में नहीं लगाया जाएगा, जिससे न्यायालयीन कार्यों की गति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इसके अतिरिक्त, गैर-न्यायिक कार्यों जैसे कि नागरिक सुरक्षा संहिता से संबंधित कार्यों हेतु तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों की अलग-अलग नियुक्तियाँ की गई हैं।
जिला मुख्यालय सिवनी से लेकर लखनादौन, घंसौर, धनौरा, बरघाट, केवलारी, कुरई, छपारा जैसी सभी तहसीलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से विभाजित की गई हैं। संबंधित अधिकारियों को कार्य दिवस एवं क्षेत्रवार न्यायालयीन कार्यों के लिए नामित किया गया है।
प्रभाव:
इस व्यवस्था से राजस्व मामलों में विलंब की समस्या काफी हद तक कम होगी और आमजन को शीघ्र न्याय मिलेगा। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा हो सकेगा। प्रशासन की यह पहल न्यायिक दक्षता और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



