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मध्यप्रदेश के उन हजारों बच्चों का भविष्य संकट में है जो नर्सिंग कालेज के छात्र हैं। नर्सिंग संस्थाओं को मापदंड के विपरीत मान्यता देने के यह परिस्थितियां उत्पन्न हुई है ।कोर्ट के आदेश पर नर्सिग रजिस्ट्रेशन काउंसलिंग की तत्कालीन रजिस्टर सुनीता शिजू को बर्खास्त कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार सुनीता शिजू इस पद के लिए निर्धारित पात्रता नहीं रखती थी, उसके बाल भी सुनीता शिजू को जिम्मेदारी दी गई थी और सुनीता शिजू ने एक के अपने कार्यकाल में नियमों को ताक पर रखकर 250 नर्सिंग काँलेजो को मान्यता दी। यह सभी कालेज. जांंच के.दायरे में है। सुनीता शिजू पर अधिकारी. बहुत. मेहरबान रहे।

को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाने वाले लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने मौके पर ही ऐसे 10 कॉलेजों की पूरे तथ्यों के साथ जानकारी कोर्ट के सामने रख दी थी, जो मापदंड के अनुसार संचालित नहीं हो रहे थे। इसके बाद ही हाई कोर्ट ने शिजू को निलंबित करने के लिए कहा था।

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