मध्यप्रदेशसिवनी

घंसौर में वनाधिकार अधिनियम पर प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न, अधिकारियों को मिला प्रभावी क्रियान्वयन का प्रशिक्षण

घंसौर यशो :- जनपद पंचायत घंसौर के सभागार में वनाधिकार उपखंड स्तरीय समिति के तत्वावधान में वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विशान सिंह ठाकुर ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य वनाधिकार कानून से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देकर संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना तथा पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभ उपलब्ध कराना रहा।

घंसौर जनपद पंचायत सभागार में वनाधिकार अधिनियम प्रशिक्षण कार्यशाला में मौजूद अधिकारी एवं कर्मचारी।
घंसौर में आयोजित वनाधिकार अधिनियम प्रशिक्षण कार्यशाला में राजस्व, पंचायत और वन विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण देते मास्टर ट्रेनर।

सहायक आयुक्त के निर्देशानुसार जिले से आए तीन मास्टर ट्रेनरों ने पंचायत, राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को वनाधिकार अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, दावा प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, सत्यापन, ग्राम सभा की भूमिका तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार से जुड़े विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानून के प्रावधानों को समझाया गया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में एसडीएम विशान सिंह ठाकुर ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम का उद्देश्य पात्र वनवासियों एवं आदिवासी परिवारों को उनके वैधानिक अधिकार दिलाना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में तहसीलदार अरुण दुबे, विकासखंड अधिकारी एवं समिति सचिव मनीष मिश्रा, एसडीओ फॉरेस्ट सहित पंचायत, राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान वनाधिकार दावों के परीक्षण, अभिलेखों के संधारण, ग्राम सभाओं की भूमिका तथा विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम का सफल क्रियान्वयन तभी संभव है, जब संबंधित विभाग कानून के प्रावधानों की स्पष्ट समझ रखते हुए समन्वित रूप से कार्य करें। इसी उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में अधिकारियों को नवीन दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया तथा क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे वनाधिकार संबंधी प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण में सहायता मिलेगी। कार्यशाला को शासन की मंशा के अनुरूप वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button