पारदर्शिता के सवाल पर बवाल, छोटे का प्रदर्शन तो बड़े पर पर्दा क्यों?
बूढ़ेनाखुर्द पंचायत के पंचायत दर्पण रिकॉर्ड पर उठे सवाल, बड़े भुगतानों की जानकारी सार्वजनिक करने और जांच की मांग
बूढ़ेनाखुर्द पंचायत में बड़े भुगतानों पर सवाल, पंचायत दर्पण रिकॉर्ड की जांच की मांग
बरघाट यशो :- जनपद पंचायत बरघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत बूढ़ेनाखुर्द में पंचायत दर्पण पोर्टल पर प्रदर्शित वित्तीय लेन-देन की जानकारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामने आए स्क्रीनशॉट में पंचायत के कुछ बिल और भुगतान ऑनलाइन दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बड़े भुगतान वाले बिलों की जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। इसे लेकर पंचायत की वित्तीय पारदर्शिता और ऑनलाइन रिकॉर्ड की पूर्णता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
₹98 हजार से लेकर करीब ₹1 लाख तक के भुगतान दर्ज
पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी में ₹98,000, ₹96,200 और ₹99,750 जैसे भुगतान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पंचायत के खर्च और भुगतान ऑनलाइन दर्ज किए जा रहे हैं, तो सभी बड़े भुगतानों की जानकारी भी उसी तरह स्पष्ट रूप से सार्वजनिक क्यों नहीं दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में दिखाई देने वाले भुगतान और पंचायत के वास्तविक वित्तीय दस्तावेजों का मिलान होने पर ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है।
छोटे बिल दिखाई दिए, बड़े भुगतानों पर उठे सवाल
पंचायत दर्पण का उद्देश्य पंचायतों के वित्तीय लेन-देन और विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करना है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। ऐसे में यदि किसी पंचायत के ऑनलाइन रिकॉर्ड में भुगतान की जानकारी अधूरी अथवा अस्पष्ट दिखाई देती है तो इसकी वास्तविक स्थिति की जांच किया जाना जरूरी है।
बूढ़ेनाखुर्द पंचायत में हुए भुगतानों को लेकर यह मांग उठ रही है कि ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड का पंचायत के मूल बिल-वाउचर, भुगतान आदेश, बैंक अभिलेख और संबंधित कार्यों के दस्तावेजों से मिलान कराया जाए।
तकनीकी समस्या या रिकॉर्ड में अंतर?
बड़े भुगतानों की जानकारी ऑनलाइन स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देने के पीछे तकनीकी समस्या, पोर्टल अपडेट में देरी अथवा रिकॉर्ड दर्ज करने से जुड़ा कोई कारण हो सकता है। हालांकि, इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच और स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पोर्टल पर कुछ भुगतान दिखाई दे रहे हैं, तो अन्य बड़े भुगतानों की जानकारी किस स्थिति में है और क्या वे भी ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
सचिव और सरपंच की भूमिका की जांच की मांग
ग्राम पंचायत बूढ़ेनाखुर्द के सचिव हेमराज राहंगडाले तथा सरपंच श्रीमती वीणा/उमाशंकर टेंमरे की देखरेख में हुए भुगतान एवं पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पंचायत के सभी वित्तीय अभिलेखों की वर्षवार जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
जांच में यह भी देखा जाए कि पोर्टल पर दर्ज भुगतान और पंचायत के मूल बिल-वाउचर, बैंक रिकॉर्ड तथा भुगतान आदेशों में कितना सामंजस्य है।
बड़े भुगतानों का हो भौतिक सत्यापन
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत बरघाट और जिला स्तर के संबंधित अधिकारियों से पंचायत बूढ़ेनाखुर्द के वित्तीय भुगतानों की जांच कराने की मांग की है। मांग है कि बड़े भुगतानों के साथ उनसे संबंधित निर्माण एवं विकास कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।
साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-कौन से बड़े बिल बनाए गए, भुगतान किसके नाम किया गया, भुगतान किस कार्य के लिए हुआ और संबंधित कार्य वास्तव में मौके पर कराया गया या नहीं।
यदि जांच के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड और पंचायत के मूल दस्तावेजों में कोई अंतर सामने आता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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