सिवनी यशो:- नमांतरण के पश्चात बही में नाम गलत दर्ज हो गया था जिसे सुधारने के लिये केवलारी में पदस्थ पटवारी द्वारा रामदयाल पंचेश्वर से रिश्वत (Bribe) की मांग की जा रही थी । रामदयाल पंचेश्वर ने लोकायुक्त (Lokayukta ) को शिकायत कर पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़वा दिया था । इस मामले की न्यायालय (Court) ने सुनवाई करते हुये रिश्वत मांगने वाले पटवारी दीपक गेडाम को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 04 वर्ष का सश्रम कारावास (rigorous imprisonment) एवं 5,000 रू. के अर्थदण्ड एवं धारा 13(1)(डी)/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) 1988 में 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000 रू. के अर्थदण्ड से दण्डित (fined) किया गया हैं।
जिला अभियोजन अधिकारी सिवनी ने जानकारी देते हुये बताया है कि पूरा मामला इस प्रकार है कि प्रार्थी रामदयाल पंचेश्व र पिता अन्नीवलाल पंचेश्ववर, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम खेररांजी, तहसील केवलारी ने लोकायुक्त् कार्यालय जबलपुर में जाकर दिनांक 31.01.2017 को शिकायत की थी कि हम चार भाईयों में जमीन का बटवारा हो गया हैं, बही में मझले भाई रामूलाल के नाम की जगह रामलाल और मेरे नाम की जगह दल्लू लिख गया हैं, बही में जमीनी रिकार्ड में नाम संशोधन करवाने के लिए वह पटवारी दीपक गेडाम पिता स्व. रूपचंद गेडाम, उम्र 52 वर्ष, पटवारी हल्का नं. 36, केवलारी, जिला सिवनी के पास गया तो पटवारी ने इस कार्य के एवज में रिश्वत मांग रहा हैं। मैं पटवारी को रिश्वत देना नहीं चाहता एवं उन्हे रिश्वत लेते पकडवाना चाहता हूँ। दिनांक 01.02.2017 को लोकायुक्त पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पटवारी दीपक गेडाम को प्रार्थी से 8,000 रू. रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था एवं कार्यवाही करते हुए उन्हे गिरफ्तार किया था।
आरोपी दीपक गेडाम के विरूद्ध अपराध क्रमांक 23/2017, धारा 7, 13(1)(डी)/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर चालान माननीय न्यायालय श्रीमान खालिद मोहतरम अहमद, विशेष न्यायालय की न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। शासन की ओर से रमेश उइके, विशेष लोक अभियोजक/उप-संचालक अभियोजन एवं अनिल माहोरे, वरिष्ठ ए.डी.पी.ओ. ने न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किये, अभियोजन के द्वारा प्रस्तु्त साक्ष्य से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय खालिद मोहतरम अहमद, विशेष न्यायाधीश, जिला सिवनी (म.प्र.) द्वारा दिनांक 06/07/2024 को निर्णय पारित करते हुए आरोपी दीपक गेडाम पिता स्व. श्री रूपचंद गेडाम, उम्र 52 वर्ष, पटवारी हल्का नं. 36, केवलारी, जिला सिवनी को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000रू. के अर्थदण्ड एवं धारा 13(1)(डी)/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000 रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं।



