पीथमपुर को मिलेगी औद्योगिक रफ्तार, 272 करोड़ की लियुगोंग इंडिया परियोजना का आज भूमि-पूजन करेंगे सीएम मोहन यादव
20 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, हर साल 6,500 निर्माण उपकरण होंगे तैयार, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
पीथमपुर लियुगोंग इंडिया परियोजना – 272 करोड़ की लियुगोंग इंडिया मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन आज, सीएम मोहन यादव देंगे बड़ी सौगात
Bhopal 07 July 2026
भोपाल यशो:-मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमि-पूजन करेंगे। करीब 272 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना राज्य को निर्माण उपकरण विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
चीन की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड की भारतीय इकाई द्वारा स्थापित किया जा रहा यह नया संयंत्र लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। संयंत्र के पहले चरण में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरण, विशेष रूप से एक्सकेवेटर, का निर्माण किया जाएगा।
यह भी पढ़े :- आज केवलारी में विशेष जनसुनवाई, कलेक्टर नेहा मीना सुनेंगी आमजन की समस्याएं
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा नया बल
नई यूनिट के शुरू होने से देश में निर्माण उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कंपनी विश्व स्तर पर व्हील लोडर, एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक, बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट सहित कई आधुनिक निर्माण एवं खनन उपकरणों के निर्माण के लिए जानी जाती है।
पीथमपुर में पहले से संचालित है कंपनी की इकाई
लियुगोंग इंडिया वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई संचालित कर रही है। 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3,000 व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर है। वर्ष 2009 में इसी इकाई से पहला ‘मेड इन इंडिया’ व्हील लोडर तैयार किया गया था। यहां अनुसंधान एवं विकास (R&D) तथा प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हैं, जहां 500 से अधिक भारतीय पेशेवर कार्यरत हैं।
यह भी पढ़े :- 70 प्रतिशत या अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान
औद्योगिक निवेश का मजबूत केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश
राज्य सरकार का कहना है कि सड़क निर्माण, खनन, जलविद्युत और पाइपलाइन परियोजनाओं में कंपनी के 4,000 से अधिक निर्माण उपकरण उपयोग में हैं। नई परियोजना बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति देगी।
यह भी पढ़े :-पेंचव्हेली एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों में स्थायी रूप से बढ़े 2-2 कोच, यात्रियों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशक हितैषी नीतियों, बेहतर औद्योगिक अधोसंरचना और सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। लियुगोंग इंडिया का यह नया निवेश वैश्विक कंपनियों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
https://www.pib.gov.in/FactsheetDetails.aspx?id=150690&NoteId=150690&ModuleId=16®=48&lang=2



