सिवनीमध्यप्रदेश

नगरपालिका विदाई समारोह में हंगामा: धक्का-मुक्की के बाद गरमाई सियासत, कांग्रेस पार्षदों ने सौंपा ज्ञापन

मानस भवन में आयोजित विदाई समारोह के दौरान हुआ विवाद, बाहरी हस्तक्षेप और पार्षदों की अनदेखी के आरोप; सीसीटीवी जांच की मांग

सिवनी यशो :- नगरपालिका परिषद सिवनी में आयोजित एक विदाई समारोह के दौरान हुए विवाद ने नगर की राजनीति को गरमा दिया है। मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हो गई। घटना के बाद कांग्रेस पार्षद दल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने, घटना की जांच कराने तथा पार्षदों के साथ कथित भेदभाव समाप्त करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार नगरपालिका परिषद से स्थानांतरित हुई महिला उपयंत्री श्रीमती वंदना मरकाम के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान वर्तमान नगर सत्ता से जुड़े लोगों और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शफीक खान से जुड़े पक्ष के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया और काफी देर तक हंगामा चलता रहा।

घटना के समय नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया सहित कई जनप्रतिनिधि और कर्मचारी मौजूद थे। बताया जाता है कि विवाद के दौरान पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शफीक खान भी मौजूद रहे। घटना के बाद दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

कांग्रेस पार्षदों ने लगाया बाहरी हस्तक्षेप का आरोप

घटना के बाद कांग्रेस पार्षद दल ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि नगरपालिका परिषद के कार्यों और कार्यक्रमों में बाहरी तत्वों का हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि विदाई समारोह के दौरान पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शफीक खान के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई, जो निंदनीय है और इससे नगरपालिका परिषद की छवि धूमिल हुई है।

कांग्रेस पार्षदों ने मांग की है कि मानस भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर घटना में शामिल बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पार्षदों की अनदेखी और विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप

ज्ञापन में कांग्रेस पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें नगरपालिका के अनेक कार्यक्रमों की सूचना नहीं दी जाती तथा उनके वार्डों में विकास कार्यों की उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना है कि इस प्रकार के व्यवहार से न केवल जनप्रतिनिधियों की भूमिका प्रभावित हो रही है बल्कि नगर विकास भी बाधित हो रहा है।

कांग्रेस पार्षद दल ने मांग की है कि सभी पार्षदों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा उनके वार्डों में भी सामान्य रूप से विकास कार्य कराए जाएं।

जांच और कार्रवाई की मांग

कांग्रेस पार्षदों ने प्रशासन से मांग की है कि नगरपालिका परिषद के कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा विदाई समारोह के दौरान हुई घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

घटना के बाद नगरपालिका की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और जांच के परिणाम पर टिकी हैं।

(नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप कांग्रेस पार्षद दल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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