मनरेगा खत्म कर रोजगार की “गारंटी” खत्म करना चाहती है सरकार: कांग्रेस
मंडला | राजनीतिक संवाददाता
मंडला यशो:- जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण गरीबों से रोजगार का अधिकार छीनना चाहती है।इंदौर में दूषित पानी से मौतें, भाजपा सरकार की लापरवाही जिम्मेदार : कांग्रेस
कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 18 मौतों के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। [caption id="attachment_40048" align="alignnone" width="259"]
जिला कांग्रेस कमेटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर आरोप लगाते नेता[/caption]
कांग्रेस प्रवक्ता एड. संजय चौरसिया ने कहा कि
इंदौर जैसे शहर, जो
‘स्वच्छ भारत अभियान’ में
आठ बार प्रथम स्थान पर रहा,
वहां पाइपलाइनों में
सीवेज का पानी
मिलना सरकार की गंभीर विफलता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि
‘हर घर जल’ योजना अब ‘हर घर मल’ योजना
में तब्दील हो चुकी है।
पुरानी पाइपलाइन बदलने का काम क्यों रुका? – कांग्रेस के सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि इंदौर में पुरानी पाइपलाइन बदलने के ठेके को 22 जुलाई 2022 को स्वीकृति मिल चुकी थी, फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया — क्या सरकार किसी बड़े कमीशन का इंतजार कर रही थी? इन 18 मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने यह भी बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक से वर्ष 2003 में 200 मिलियन डॉलर का ऋण भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की जलापूर्ति सुधार के लिए मिला था। कांग्रेस ने इस राशि के उपयोग का तत्काल ऑडिट कराने की मांग की।हैजा की जांच हुई या नहीं? WHO को जानकारी दी या नहीं?
एड. चौरसिया ने सरकार से सवाल किया कि दूषित पानी से प्रभावित नागरिकों के वाटर सैंपल और स्टूल सैंपल की जांच हुई या नहीं? क्या इनमें हैजा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई? यदि हुई, तो क्या इसे इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के तहत नोटिफाई किया गया?मनरेगा कोई योजना नहीं, रोजगार का कानूनी अधिकार : कांग्रेस
जिला कांग्रेस कमेटी मंडला ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा कोई सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, आदिवासियों और महिलाओं के लिए रोजगार का कानूनी अधिकार है। डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि मनरेगा के तहत काम मांगने पर सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि मजदूर को रोजगार दिया जाए, और यदि रोजगार न मिले तो बेरोजगारी भत्ता देना कानूनन अनिवार्य है।भाजपा पर मनरेगा कमजोर करने के आरोप
- मनरेगा बजट में कटौती
- मजदूरी भुगतान में देरी
- काम के अवसर कम करना
- ग्रामीण महिलाओं और SHG समूहों पर प्रतिकूल असर
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
- मनरेगा के कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 150 किए जाएं
- मजदूरी दर में बढ़ोतरी हो
- हर भुगतान 15 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए
- आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता मिले
कांग्रेस का स्पष्ट मत है — रोजगार कोई कृपा नहीं, बल्कि नागरिक का अधिकार है।
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