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चीनी के दाम में 18% तक गिरावट! फिर भी दुकानों पर क्यों नहीं सस्ती हुई चीनी? जानिए वजह

थोक बाजार में नरमी के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद; महंगा पुराना स्टॉक खत्म होने पर दुकानों पर भी घट सकते हैं भाव

चीनी के दाम में गिरावट! MP में अब खुदरा बाजार में सस्ती चीनी का इंतजार

भोपाल यशो:- चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान मध्यप्रदेश के आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। थोक बाजार में चीनी के भाव करीब 18 फीसदी तक नीचे आ गए हैं। हालांकि बाजार में आई इस बड़ी नरमी का असर अभी खुदरा दुकानों तक पूरी तरह नहीं पहुंचा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अब सस्ती चीनी का फायदा दुकानों तक पहुंचने का इंतजार है।

पिछले दिनों चीनी के दामों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी, जिसका सीधा असर परिवारों की रसोई के बजट पर पड़ा। त्योहारी सीजन नजदीक होने से मिठाई कारोबारियों की लागत भी बढ़ गई थी। चीनी महंगी होने से मिठाई और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों की चिंता बढ़ गई थी।

सरकार के कदमों के बाद थोक बाजार में नरमी

कीमतों पर नियंत्रण और बाजार में आपूर्ति बेहतर करने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बाद चीनी के एक्स-मिल और थोक भाव में गिरावट दर्ज की गई है। सरकार ने चीनी आयात की अनुमति देने के साथ ही जमाखोरी और सट्टेबाजी पर निगरानी बढ़ाई है।

इसके बाद बाजार में उपलब्धता की स्थिति में सुधार हुआ और कीमतों पर दबाव कम हुआ। थोक बाजार में करीब 18 फीसदी तक की गिरावट के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका असर आम ग्राहक की जेब तक कब पहुंचेगा।

महंगा पुराना स्टॉक रोक रहा सस्ती चीनी का रास्ता

बाजार जानकारों के मुताबिक खुदरा कीमतों में तत्काल गिरावट नहीं आने की बड़ी वजह दुकानदारों के पास मौजूद महंगे भाव पर खरीदा गया पुराना स्टॉक है।

दुकानदारों ने जिस कीमत पर चीनी खरीदी थी, उससे कम कीमत पर बेचने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए थोक बाजार में भाव घटने के बावजूद खुदरा बाजार में कीमतों को नीचे आने में कुछ समय लग सकता है।

जैसे-जैसे पुराना महंगा स्टॉक खत्म होगा और कम कीमत पर खरीदी गई नई चीनी बाजार में पहुंचेगी, वैसे-वैसे दुकानों पर भी भाव कम होने की उम्मीद है।

त्योहारी सीजन में मिल सकती है दोहरी राहत

त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दामों में आई नरमी उपभोक्ताओं के साथ-साथ मिठाई कारोबारियों के लिए भी राहत की उम्मीद जगा रही है। चीनी सस्ती होने से मिठाई, बेकरी और इससे जुड़े अन्य खाद्य उत्पादों की लागत में भी कमी आ सकती है।

व्यापारियों का मानना है कि यदि बाजार में आपूर्ति सामान्य बनी रही और सरकारी निगरानी जारी रही तो आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।

अब नजर खुदरा बाजार पर

थोक बाजार में करीब 18 फीसदी की गिरावट के बाद मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं की नजर अब दुकानों पर टिक गई है। सवाल सिर्फ इतना है कि थोक बाजार की राहत खुदरा बाजार तक कब पहुंचेगी।

सस्ता स्टॉक बाजार में आने के बाद यदि खुदरा कीमतें भी नीचे आती हैं तो त्योहारी सीजन से पहले परिवारों की रसोई और मिठाई कारोबार, दोनों को राहत मिल सकती है।

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