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केवलारी में अंधाधुंध अवैध कटाई में वन विभाग को पीछा छोड़ा राजस्व विभाग
अवैध कटाई में वन विभाग के पाँच अधिकारी निलंबित, रेंजर एवं एसडीओ पर कार्यवाही प्रस्तावित, अब राजस्व के कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्यवाही की तलवार
Seoni 09 February 2025
सिवनी यशो:- केवलारी क्षेत्र में अवैध कटाई केवल वन विभाग के जंगलों में ही नहीं हुई राजस्व के अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि पर लगे हुये पेड़ो की अवैध कटाई बेरहमी से और बिना अनुमति के की गयी है । वन विभाग की तरह ही राजस्व अमला भी इस अवैध कटाई के प्रति मूक दर्शक बना रहा । जब मीडिया से जुड़े व्यक्तियों ने सूचना दी तब विभागीय अधिकारी हरकत में आये । केवलारी अनुविभागीय अधिकारी ने तीन सदस्यीय जाँच दल का गठन किया है जिसमें दो नायब तहसीदार और एक पटवारी शामिल है ।
सिवनी दक्षिण वन मंडल सिवनी के केवलारी परिक्षेत्र में मनमानी अवैध कटाई में पाँच विभागीय कर्मचारी निलंबित हो चुके है यहाँ अवैध कटाई का कार्य केवल वन विभाग में नहीं राजस्व के जंगल में भी होना पाया गया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व अधिकार क्षेत्र में आने वाले वन में सैकड़ो वृक्षों को अवैध तरीके से वन माफियाओं के द्वारा काटा चुका है और इसका परिवहन भी हो चुका है परंतु आश्चर्य कि बात है कि राजस्व विभाग के पटवारी और तहसीलदार को इसकी जानकारी नहीं है । लंबे समय से राजस्व के अधिकार क्षेत्र के जंगल में हो रही अवैध कटाई से पटवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की अनभिज्ञता को उनकी संलिप्तता होना प्रतीत होता है ।
जानकारी के अनुसार केवलारी अनुभाग क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दुरेंदा के समीप से गुजरने वाले नाले के किनारे लगे सैकड़ों पेड़ों को मशीनी औजारों से काट दिया गया । बताते है कि कई महीनों से दिनदहाड़े पेड़ो की कटाई कर उनका परिवहन किया जा रहा है और इस संपत्ति की सुरक्षा के लिये तैनात राजस्व अमला चुप रहा जो संलिप्तता को प्रमाणित करता है ।
शिकायत कत्र्ताओं के अनुसार राजस्व विभाग अनुभाग केवलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत दुरेंदा में स्थित शासकीय राजस्व के नाले में राजस्व की जमीन से लेकर स्थानीय लोगों के खेतों में लगे वृक्ष क्रमश: साल, साजा, बीजा, कौआ और महुआ कई वर्षों से लगे वृक्षों की कटाई अज्ञात वन माफियाओं द्वारा की गई है जिसमें वन माफिया द्वारा कटे वृक्षों की लकड़ी का परिवहन भी किया जा चुका है वही बाकी वृक्षों की कटाई की लकड़ी मौके पर मौजूद है।
बेजा अवैध कटाई की शिकायत जब मीडिया कर्मियों द्वारा केवलारी अनुभाग के (राजस्व) अधिकारी महेश अग्रवाल तक पहुंची तो फौरन एसडीएम केवलारी ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए केवलारी तहसील के अंतर्गत कार्यरत दोनों नायब तहसीलदार केवलारी दामोदर दुबे एवं कुंवर लाल राउत को घटना स्थल में पहुंचकर निरीक्षण कर जांच की रिपोर्ट मांगी, अपने उच्च अधिकारियों के निर्देश का पालन करते हुए दोनों राजस्व विभाग केवलारी के नायब तहसीलदारों ने मौके स्थल पर निरीक्षण कर स्थानीय खेतों में बगैर अनुमति के कटे पेड़ों की जांच कर खेतों के मालिकों के वक्तव्य एवं हल्का पटवारी के कथनों सहित शिकायतकर्ताओं के हस्ताक्षर लेकर पंचनामा तैयार करवाया। जिसमें ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख करवाया है कि बगैर अनुमति के सैकड़ो वर्षों के वृक्षों का कत्लेआम पर गंभीर आरोप ग्रामीणों द्वारा राजनीति से जुड़े लोगों पर लगाए है।
विगत कई महीनो से इतने बड़े स्तरों पर पेड़ों की अवैध कटाई राजस्व के क्षेत्र में चल रही थी इसके बावजूद भी राजस्व विभाग के स्थल क्षेत्र में ड्यूटी में तैनात संबंधित हल्का क्षेत्र के पटवारी को जरा भी आशंका ना होना साथ ही बिना परमिशन के काट रहे पेड़ों की के तस्करों को ना रोकना कहीं ना कहीं बड़ी लापरवाही या संबंधित पटवारी की संलिप्ता पर संशय जाहिर हो रहा है, जब शिकायतकर्ताओं ने इस संबंध में पटवारी से जानने की कोशिश भी की तो संबधित पटवारी ने शिकायतकर्ताओं को जानकारी देना भी उचित नहीं समझा।
इनका कहना है
300 से अधिक पेड़ो की बिना अनुमति के कटाई होना पाया गया है । जिसके लिये दो नायब तहसीलदार एवं एक पटवारी का जाँच दल बनाया गया है । जाँच दल निरीक्षण कर रहा है जाँच प्रतिवेदन आने के पश्चात कार्यवाही सुंनिश्चित की जायेगी । इस कटाई के लिये प्रारंभिक रूप से कोटवार, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक की लापरवाही प्रतीत हो रही है । इतनी बड़ी मात्रा में बिना अनुमति के कटाई कराने वाले दोषियों का पता किया जा रहा है ।
महेश अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी, केवलारी
दो डिप्टी रेंजर और हुये निलंबित, रेंजर और एसडीओ पर कार्यवाही की अनुशंसा




