सरपंच पति ने सचिव को बंधक बनाकर कराया 21 लाख का फर्जी भुगतान
सरपंच पति 20 के और भुगतान के लिये दे रहा धमकी, फर्जी रसीदो से टैक्सों की हुई वसूली, जाँच में प्रमाणित होने के बाद सरपंच पर नहीं हो रही कार्यवाही
Seoni 03 March 2025
सिवनी यशो:- सिवनी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत जैतपुर कलां अपने भ्रष्ट आचरण के लिये व्यापक चर्चाओं में है । सरपंच श्रीमती पायल यादव के विरूद्ध धारा-40 म.प्र. राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत जिला पंचायत सिवनी में कार्यवाही पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है । भ्रष्टाचार और अनियमित्ताएँ प्रमाणित होने के बावजूद भी कार्यवाही को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लंबित रखा जाना समझ से परे है ।
सिवनी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिला पंचायत सिवनी के मुख्यकार्यपालन अधिकारी को जैतपुर कलाँ सरपंच पायल यादव को म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्यवाही के लिये एक पूर्व अनुशंसा करते हुये उल्लेख किया है कि सरपंच श्रीमती पायल यादव अपने पति अरविंद यादव के साथ मिलकर लाखो रूपये के भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और अनियमित्ताएँ कर रही है और सरपंच पति अरविंद द्वारा पंचायत सचिव के साथ गुंडागर्दी करते हुये बंधक बनाकर जबरन फर्जी भुगतान कराये गये है । आरोप पत्र में कहा गया है कि सरपंच ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सचिव से जबरन 21 लाख रूपये का भुगतान कराया है ।
सरपंच पति अरविंद यादव अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सचिव के साथ गाली गलौच करता है और फर्जी भुगतान के लिये उसे मजबूर करता है । ग्राम पंचायत से संबंधित खरीदी बिक्री और ठेकेदारी के काम फर्जी संस्था प्रगति कांस्ट्रेक्शन अकबर वार्ड सिवनी के नाम से फर्जी बिल वाऊचर बनाकर भुगतान किये जा रहे है । आरोप पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार के फर्जी भुगतान 15 से 20 लाख के लिये सचिव से गाली गलौच और मारपीट की गयी है ।
सरपंच और सरपंच पति की मनमानी की शिकायत करने पर सरपंच पंप हाऊस में ताला लगाकर ग्राम की पेयजल व्यवस्था बाधित कर देती है । आरोप में स्पष्ट उल्लेख है कि सरपंच पति फर्जी रसीद कट्टा के माध्यम से ग्राम पंचायत के टैक्सों की वसूली करता है और राशि हड़प लेता है ।
पंचायत के शासकीय कर्मचारियों से खुली गंडागर्दी की जा रही है और शासकीय धन को डाकुओं की तरह लूटा जा रहा है, सरपंच अपने पदीय दायित्व का निवर्हन नहीं कर रही है उसके पश्चात भी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं किया जाना तरह तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है । ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच को पदीय दायित्व के प्रति लापरवाही और पंचायत की राशि में भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार मानते हुये तत्काल पद से पृथक करने की कार्यवाही सुनिश्चित करते हुये सरपंच पति को शासकीय कर्मचारी से मारपीट, बंधक बनाने, फर्जी भुगतान कराने एवं फर्जी रसीदों के माध्यम से राशि वसूलने के लिये आपराधिक प्रकरण बनाकर कार्यवाही सुनिश्चित की जाना चाहिये ।



