➡️ केवलारी पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में दर्ज किया मामला, उपनिरीक्षक विक्की धुर्वे को सौंपी गई विवेचना
सिवनी (केवलारी)।
सिवनी यशो :- केवलारी थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़, जबरदस्ती और जान से मारने की धमकी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कम्प्यूटर सेंटर में कार्यरत युवती ने संचालक पर यौन उत्पीड़न, शारीरिक दबाव और पीछा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
नैनपुर ले जाकर की जबरदस्ती करने की कोशिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता 8 जुलाई 2025 से केवलारी स्थित एक कम्प्यूटर दुकान में काम कर रही थी। उसी दौरान संचालक युवक ने गलत नीयत से उसे छूने और हाथ पकड़ने की कोशिशें शुरू कीं। विरोध के बावजूद उसकी हरकतें नहीं रुकीं।
12 जुलाई को आरोपी ने उसे कम्प्यूटर का सामान लेने के बहाने नैनपुर ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया और जबरन किस करने की कोशिश की। उसने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी डाला। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो गंभीर अंजाम भुगतने पड़ेंगे।
घर पहुंचकर दी एसिड अटैक और अपहरण की धमकी
युवती ने जब 13 जुलाई को फिर से काम पर जाने से इनकार किया, तो आरोपी और अधिक आक्रामक हो गया। 16 जुलाई को वह पीड़िता के घर पहुंचा और धमकी दी कि – “यदि तू मेरी नहीं हुई, तो किसी की नहीं होगी। तुझ पर एसिड फेंक दूँगा और तुझे उठा लूँगा।”
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच जारी
पीड़िता की शिकायत पर केवलारी थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ BNS की धाराएं:
-
- धारा 75(2): छेड़छाड़,
- धारा 75(3): पीछा करना,
- धारा 78(2): डराने-धमकाने की हरकतें,
- धारा 1351(2): जान से मारने व अपहरण की धमकी
के तहत मामला दर्ज कर लिया है। विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक विक्की धुर्वे को सौंपी गई है।
गांव में फैला भय और आक्रोश
घटना के बाद से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और अन्य बेटियों को भी ऐसा संदेश मिले कि कानून उनके साथ है।
✍️ संपादकीय टिप्पणी:
ऐसे मामलों में त्वरित न्याय, पीड़िता की सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक सहायता अत्यंत आवश्यक है। केवलारी जैसी ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मार्ग में इस प्रकार की घटनाएं एक बड़ा अवरोध बन सकती हैं। प्रशासन को उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई करनी चाहिए।




